रिलेशनशिप एडवाइज- बॉयफ्रेंड का इंटरेस्ट अचानक कम हो गया:  पहले बहुत लविंग–केयरिंग था, उसका किसी और से अफेयर तो नहीं?
महिला

रिलेशनशिप एडवाइज- बॉयफ्रेंड का इंटरेस्ट अचानक कम हो गया: पहले बहुत लविंग–केयरिंग था, उसका किसी और से अफेयर तो नहीं?

Spread the love


1 दिन पहले

  • कॉपी लिंक

सवाल: मेरी उम्र 26 साल है। मैं और मेरा बॉयफ्रेंड 2 साल से रिलेशनशिप में हैं। हम दिल्ली यूनिवर्सिटी में रिसर्च स्कॉलर हैं। हमारी मुलाकात मास्टर्स के लास्ट ईयर में एक फेस्ट में हुई। हमारे रिश्ते में शुरू-शुरू में सबकुछ बहुत अच्छा था। वो बहुत केयरिंग था, लेकिन अब लगता है जैसे उसका इंटरेस्ट कम हो गया है। डेट पर जाने या फोन पर बात करने में भी उसे एक्साइटमेंट नहीं रहती है। लेकिन अगर मैं रिश्ते को खत्म करने की कोशिश करती हूं तो वो कहता है कि वह मुझे खोना नहीं चाहता है। क्या हमारे रिश्ते में प्यार की कमी है या यह केवल एक फेज है? कहीं वह मुझे धोखा तो नहीं दे रहा है? मुझे क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट: डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा

जवाब: रिश्तों की शुरुआत में सबकुछ जादुई लगता है। प्यार, केयर, एक्साइटमेंट सब कुछ चरम पर होता है। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, सबकुछ सामान्य होता जाता है। आपकी कहानी सुनकर लगता है कि आप ऐसे दौर से गुजर रही हैं, जहां बॉयफ्रेंड का बिहेवियर बदल गया है। वह पहले जैसा केयरिंग नहीं है, बातों में उत्साह नहीं दिखता, लेकिन फिर भी वह आपको खोना नहीं चाहता है। ऐसे में मन में सवाल उठना स्वाभाविक है। क्या यह प्यार की कमी है, कोई फेज है या फिर धोखा? हजारों युवा कपल्स, खासकर यूनिवर्सिटी लाइफ में ऐसी स्थिति से गुजरते हैं।

हम आपके सवालों को स्टेप बाय स्टेप समझेंगे। सबसे पहले हम उस पॉइंट को याद करेंगे जहां से बदलाव शुरू हुआ, फिर उसके आसपास की घटनाओं को देखेंगे। हम उसके जीवन में चल रही कंडीशंस को चेक करेंगे, प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ दोनों पर बात करेंगे। अगर सब ठीक है तो क्या वह किसी और के साथ है? हम क्लू ढूंढेंगे और सॉल्यूशन पर बात करेंगे।

कब से शुरू हुआ यह बदलाव?

सबसे पहले तो याद करिए कि ऐसा कौन सा पॉइंट था, जब आपने उसके व्यवहार में बदलाव नोटिस करना शुरू किया। रिश्ते में बदलाव अचानक नहीं आते; वे धीरे-धीरे होते हैं, लेकिन हम उन्हें बाद में नोटिस करते हैं। क्या यह आपके मास्टर्स के लास्ट ईयर के बाद शुरू हुआ, जब रिसर्च की जिम्मेदारियां बढ़ गईं? या फिर कोई स्पेसिफिक घटना थी। जैसे कोई झगड़ा, फैमिली प्रेशर, या यूनिवर्सिटी फेस्ट के बाद का समय? इस पॉइंट को पहचानना जरूरी है क्योंकि इससे आपको क्लियर पिक्चर मिलेगी कि समस्या की जड़ कहां है।

लिखने से आएगी स्पष्टता

अगर आप ये सारी चीजें किसी डायरी या पन्ने में लिखेंगी तो चीजें अधिक स्पष्ट होंगी। उदाहरण के तौर पर मान लीजिए, पहले आपका बॉयफ्रेंड हर शाम कॉल करता था, लेकिन अब वह बहाने बनाता है। क्या यह तब शुरू हुआ जब उसकी रिसर्च प्रोजेक्ट की डेडलाइन नजदीक आई? या फिर जब वह नए दोस्तों से मिलने लगा? इस तरह की यादें आपको स्पष्टता देंगी। अगर आप डायरी रखती हैं, तो पुराने नोट्स चेक करें। इससे आपको पता चलेगा कि क्या यह अस्थायी फेज है या कुछ गहरा।

उसके आसपास की स्थितियां और घटनाएं समझें

अब उसके आसपास की सिचुएशंस और घटनाओं पर नजर डालिए। इससे अधिक स्पष्टता मिलेगी। रिश्ते बाहर की दुनिया से प्रभावित होते हैं। क्या उस समय कोई बड़ा बदलाव हुआ था? जैसे, यूनिवर्सिटी में नया सेमेस्टर, फैमिली इश्यूज, या दोस्तों का नया ग्रुप। दिल्ली यूनिवर्सिटी की लाइफ व्यस्त होती है। रिसर्च, सेमिनार, सोशल इवेंट्स। शायद वह इनमें उलझ गया हो। लेकिन अगर ये घटनाएं सामान्य हैं, तो सोचिए कि क्या कोई छिपी बात है।

खोजें कोई वैलिड क्लू

मिसाल के तौर पर अगर वह पहले डेट पर एक्साइटेड रहता था, लेकिन अब कोई एक्साइटमेंट नहीं दिखाता है तो कई चीजों के पर गौर करना होगा। यह देखिए कि क्या उस समय वह किसी नए ग्रुप में शामिल हुआ? सोशल मीडिया पर उसके पोस्ट चेक करें। क्या वह ज्यादा समय दोस्तों के साथ बिता रहा है? ये क्लूज आपको बताएंगे कि बदलाव बाहरी कारणों से है या इंटरनल कारण हैं। अगर सब सामान्य लगता है, तो गहराई से सोचने की जरूरत है।

उसकी जिंदगी में सब ठीक है?

क्या आपके बॉयफ्रेंड की जिंदगी में सबकुछ ठीक चल रहा है? क्या उसकी प्रोफेशनल लाइफ ठीक चल रही है? क्या उसकी पर्सनल लाइफ में सबकुछ ठीक है? ये सवाल पूछना जरूरी है क्योंकि कई बार इंटरेस्ट की कमी स्ट्रेस से आती है, न कि धोखे से। रिसर्च स्कॉलर की लाइफ मुश्किल होती है, थीसिस, प्रेजेंटेशन, फंडिंग इश्यूज। अगर उसकी प्रोफेशनल लाइफ में दिक्कत है, जैसे डेडलाइन मिस होना या गाइड से झगड़ा, तो वह डिस्ट्रैक्टेड हो सकता है। पर्सनल लाइफ में भी देखें, फैमिली, हेल्थ या फाइनेंशियल प्रॉब्लम।

कहीं बैठकर बात करें

अगर वह कहता है कि सब ठीक है, लेकिन व्यवहार बदल गया है, तो यह अलर्ट है। अगर वह पहले अपनी प्रॉब्लम्स शेयर करता था, लेकिन अब नहीं करता है तो शायद वह दूर हो रहा है। लेकिन अगर स्ट्रेस है, तो यह सिर्फ एक फेज हो सकता है। सपोर्टिव बनें, उससे पूछें कि क्या कुछ परेशान कर रहा है? इससे रिश्ता मजबूत होगा।

अगर सब ठीक है तो क्या वह किसी और के साथ है?

अगर ये सबकुछ ठीक है तो ये संभव है कि वह किसी और के साथ है। यह सुनना मुश्किल है, लेकिन रियलिटी चेक जरूरी है। रिश्ते में इंटरेस्ट कम होना कभी-कभी नई आकर्षण की वजह से होता है। यूनिवर्सिटी कैंपस में नए लोग मिलते हैं, क्लासमेट्स, फेस्ट पार्टिसिपेंट्स। अगर वह आपको खोना नहीं चाहता, लेकिन केयर नहीं दिखाता, तो यह कंफ्यूजन हो सकता है।

क्या पार्टनर जरूरी एफर्ट दे रहा है?

यह भी संभव कि यह प्यार आपके पार्टनर के लिए कभी इस जगह तक पहुंचा ही नहीं था, जहां तक आपने इसे सोचा या महसूस किया। उसके लिए यह शुरुआती दिनों का एक्साइटमेंट हो सकता है, न कि डीप लव। 2 साल बाद रिश्ता रूटीन में बदल जाता है। अगर वह आपको खोना नहीं चाहता, लेकिन एफर्ट नहीं डालता तो शायद वह कंफर्ट जोन में चला गया है। अगर वह सचमुच प्यार में है तो वह अपनी गलती एडमिट करेगा और इसमें सुधार करेगा।

प्यार की सच्चाई समझने के लिए ये हैं जरूरी फिल्टर्स

  • क्या सिर्फ एक्साइटमेंट था या कभी कमिटमेंट भी हुई?
  • कभी फ्यूचर प्लानिंग या फैमिली इंट्रोडक्शन हुआ?
  • आपने रिलेशनशिप में कुछ ज्यादा इमैजिन तो नहीं किया?
  • क्या पार्टनर भी रिलेशनशिप में एफर्ट डालता है?

इस सिचुएशन से निपटने के तरीके

अब सवाल है कि इससे बाहर कैसे निकलें। यहां कुछ काम के टिप्स हैं-

  • खुद से बात करें: अपनी फीलिंग्स को डायरी में लिखें। इससे इमोशंस को समझने में क्लियरिटी आएगी।
  • ओपन कम्युनिकेशन जरूरी: शांत मन से खुलकर बात करें। आरोप न लगाएं, अपनी भावनाएं शेयर करें।
  • लिमिट्स तय करें: बताएं कि आपको क्या चाहिए, ज्यादा टाइम, केयर।
  • सेल्फ-केयर जरूरी: यूनिवर्सिटी लाइफ में खुद को प्रायोरिटी दें। एक्सरसाइज करें, अपनी हॉबीज अपनाएं।
  • प्रोफेशनल मदद लें: अगर डाउट्स ज्यादा हैं तो इसके लिए काउंसलर से मिलें।
  • डिसीजन लें: अगर सुधार नहीं हो रहा है तो रिश्ते को खत्म करने पर विचार किया जा सकता है।

क्या यह सिर्फ एक फेज है या प्यार में कमी?

समय सब ठीक नहीं करता है, लेकिन एफर्ट करता है। अगर पार्टनर की लाइफ में स्ट्रेस ज्यादा है तो ये सिर्फ एक फेज हो सकता है। इसका मतलब है कि उसे इस समय आपके ज्यादा सपोर्ट की जरूरत है। वहीं अगर धोखे के संकेत मिल रहे हैं तो इसका क्लू पता लगाएं। प्रोफेशनल मदद लें अगर जरूरी।

प्यार में विश्वास और एफर्ट जरूरी

रिश्ते उतार-चढ़ाव से गुजरते हैं, लेकिन सच्चा प्यार एफर्ट से बचता है। अपने अंदर की आवाज सुनें, क्लूज फॉलो करें, और जरूरी हो तो आगे बढ़ें। आप युवा हैं, जिंदगी में कई मौके हैं। खुद पर भरोसा रखें और खुश रहें। अगर जरूरत हो तो काउंसलिंग लें यह कमजोरी नहीं स्ट्रेंथ है।

………………

रिलेशनशिप एडवाइज की ये खबर भी पढ़िए

रिलेशनशिप एडवाइज- मुझे शक है कि हसबैंड का अफेयर है:ऑफिस कुलीग से बढ़ रही नजदीकियां, कैसे जानूं, कहीं ये मेरे दिमाग का वहम तो नहीं

दो साल से आप एक लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप को चेन्नई से दिल्ली तक संभाल रही हैं। यह कोई छोटी बात नहीं है, लेकिन यह भी सच है कि दूरी कभी-कभी हमारे मन में शक और डर के बीज बो देती है। पूरी खबर पढ़िए…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *