16 घंटे पहले
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सवाल: मैं 27 साल की हूं। दिल्ली में अपने बॉयफ्रेंड के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में हूं। हम 2 साल से साथ हैं। दोनों कॉर्पोरेट ऑफिस में जॉब करते हैं। वह पिछले कुछ महीनों से सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा एक्टिव है। वह अक्सर कुछ लड़कियों की पोस्ट पर कमेंट करता है, उनके साथ चैट करता है और देर रात तक ऑनलाइन रहता है। जब भी मैं उससे इस बारे में पूछती हूं तो कहता है कि यह सिर्फ फ्रेंडली बातचीत है।
वह फ्लर्टी कमेंट्स वाली बातें भी टाल देता है। कई बार मुझे ऐसा लगता है कि जैसे वो मुझसे फोन छिपाकर चैट करने कोशिश कर रहा है। हम दोनों के पासवर्ड एक-दूसरे को पता थे। पर हम कभी एक दूसरे को चेक नहीं करते थे। इनसिक्योरिटी होने पर मैंने उसकी इंस्टा आईडी लॉगइन की तो पता चला कि पासवर्ड चेंज हो गया है। अब मुझे जलन और असुरक्षा महसूस हो रही है। क्या यह मेरी ओवरथिंकिंग है या उसका बिहेवियर सचमुच अलार्मिंग है?
एक्सपर्ट: डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा
जवाब: सबसे पहले तो ये जान लीजिए कि आप जो महसूस कर रही हैं, वो बिल्कुल नॉर्मल है। आपकी उम्र में रिश्ते में ये उलझनें आना आम बात है, खासकर जब सोशल मीडिया जैसी चीजें बीच में आ जाती हैं। आपने अपने बॉयफ्रेंड की ऑनलाइन एक्टिविटी पर सवाल उठाया और उसने इसे फ्रेंडली कहकर टाल दिया। लेकिन आपकी जलन और असुरक्षा को सिर्फ आपकी समस्या कहकर खारिज नहीं किया जा सकता है। स्टेटिस्टा के आंकड़ों के मुताबिक, पार्टनर की सोशल मीडिया एक्टिविटी से 23% लोग अपने रिश्ते में जलन या अनिश्चितता महसूस करते हैं। चलिए आपकी समस्या को स्टेप-बाय-स्टेप समझते हैं।
सोशल मीडिया रिश्तों को कैसे प्रभावित करता है?
सोशल मीडिया ने हमारी जिंदगी को कनेक्टेड तो बनाया है, लेकिन रिश्तों में जलन और मिसअंडरस्टेंडिंग भी बढ़ा दी है। इंस्टाग्राम, फेसबुक या ट्विटर पर हर कोई अपनी परफेक्ट लाइफ दिखाता है और ये देखकर पार्टनर्स के बीच तुलना शुरू हो जाती है।
आपका बॉयफ्रेंड अगर लड़कियों की पोस्ट पर कमेंट करता है या देर रात तक चैट करता है, तो ये सिर्फ फ्रेंडली तो नहीं लगता है। सोशल मीडिया के इस्तेमाल से रोमांटिक रिलेशनशिप्स में संदेह और जलन बढ़ती है, खासकर जब पार्टनर ऑनलाइन फ्लर्टिंग जैसी चीजें करता है। ये जलन रिश्ते को धीरे-धीरे खोखला कर सकती है, क्योंकि इससे आपसी भरोसा कम होता है। अगर आपकी फीलिंग्स को इग्नोर किया जा रहा है, तो ये बराबरी का रिश्ता नहीं है।

ये आपकी इनसिक्योरिटी है या रेड फ्लैग है?
बहुत बार लड़कियों की फीलिंग्स को जलन या इनसिक्योरिटी कहकर हल्का कर दिया जाता है, लेकिन हकीकत ये है कि रिश्ते में दोनों को बराबर सम्मान मिलना चाहिए। अगर आपका बॉयफ्रेंड देर रात लड़कियों से चैट करता है, उनके पोस्ट पर फ्लर्टी कमेंट्स करता है या पूछने पर डिफेंसिव हो जाता है, तो ये अलार्मिंग साइन हो सकते हैं।
फोन छुपाना, एक्स की पोस्ट्स पर इंटरेक्शन या सोशल मीडिया पर सिंगल जैसा बिहेवियर रेड फ्लैग है। ये फ्रेंडली नहीं है, बल्कि ट्रस्ट ब्रेक करने वाला काम हो सकता है। आपकी इनसिक्योरिटी की बात करें तो वो आपके पास्ट लाइफ एक्सपीरियंस से आ सकती है, लेकिन यहां उसका रवैया इसे ट्रिगर कर रहा है। अक्सर रिश्तों में पुरुषों की आजादी को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन रिश्ता बराबरी का होना चाहिए, जहां दोनों की भावनाएं मायने रखती हैं।

रिश्ते की बराबरी का मतलब दोनों को बराबर आजादी मिले
रिश्तों में बराबरी का मतलब है कि महिला की भावनाओं को भी उतना ही महत्व मिले, उतनी ही आजादी मिले, जो पुरुषों को सालों से मिली हुई है। सोशल मीडिया पर महिलाओं को अक्सर इनसिक्योर फील कराया जाता है, क्योंकि समाज महिलाओं से उम्मीद करता है कि वो समझदार बनें और चुप रहें। लेकिन ये गलत है।
अगर आपको असुरक्षा महसूस हो रही है, तो ये रिश्ते के असंतुलन का संकेत है, न कि ये कोई आपकी कमी है। रिश्ते में दोनों की फीलिंग्स को सम्मान मिलना चाहिए। अगर वो आपकी इनसिक्योरिटी को इग्नोर करता है, तो ये पावर इम्बैलेंस है। आपका हक है कि बिना गिल्ट फील किए आप अपनी चिंता जताएं।

ब्रेकअप के फैसले से पहले एक बार बात जरूर करें
अब सवाल ये है कि आप क्या करें। ब्रेकअप का फैसला तुरंत न लें, लेकिन इसे इग्नोर भी न करें। सबसे पहले, पार्टनर से खुलकर बात करें। सही समय चुनें, जैसे शाम के समय टहलते हुए बात करें। उससे स्पष्ट तौर पर कहें कि मुझे तुम्हारी सोशल मीडिया एक्टिविटी से असुरक्षा महसूस होती है, क्या हम इसे साथ मिलकर सॉल्व कर सकते हैं। अगर वो समझता है और बदलाव करने को तैयार है तो ये अच्छा है। लेकिन अगर टालता है या आपको ही ब्लेम करता है, तो ये रेड फ्लैग है। बाउंड्रीज सेट करें: जैसे, देर रात चैट्स न करना या फ्लर्टी कमेंट्स अवॉइड करना। अगर जरूरी लगे, तो काउंसलर से मदद लें। रिसर्च दिखाती है कि कम्युनिकेशन स्किल्स सोशल मीडिया जलन को कम करती हैं। खुद को फाइनेंशियली और इमोशनली स्ट्रॉन्ग बनाएं, ताकि आप फैसले ले सकें।

ब्रेकअप करें या न करें?
अगर आपका बॉयफ्रेंड आपकी बात सुनता है, बदलाव करने को तैयार है और रिश्ते में ट्रांसपेरेंसी के लिए भी तैयार है तो एक मौका दिया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए ये जरूरी है कि पहले वो अपनी गलती एक्सेप्ट करे। अगर ऐसी नहीं है तो ब्रेकअप विकल्प हो सकता है।

अपने लिए सही फैसला लें
आप एक हेल्दी रिश्ते की हकदार हैं, जहां भरोसा, सम्मान और बराबरी हो। अपनी खुशी को प्राथमिकता दें। सोशल मीडिया की एक्टिविटी को ‘छोटी बात’ कहकर टालना आसान है, लेकिन अगर ये आपकी शांति छीन रही है, तो इसे गंभीरता से लें। ये आपकी इनसिक्योरिटी नहीं, बल्कि रिश्ते में भरोसे की कमी का संकेत है। रिश्ते में बराबरी का मतलब है दोनों की भावनाओं का सम्मान। अगर असुरक्षा महसूस हो रही है, तो ये रिश्ते के असंतुलन का सिग्नल है। हिम्मत रखें, सही फैसला लें, आप अकेली नहीं हैं।
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आप जो महसूस कर रही हैं, वो बिल्कुल सही है। शादी के चार साल बाद भी रिश्ते में प्राइवेसी का मुद्दा उठना कोई छोटी बात नहीं है। आपने बताया कि आपके पति हर छोटी-बड़ी बात अपनी बहन से शेयर करते हैं, यहां तक कि पर्सनल बातें भी। इससे आपको लगता है कि रिश्ते की गोपनीयता खत्म हो गई है। पूरी खबर पढ़िए…








