रीडिंग रिट्रीट का ट्रेंड; किताबें पढ़ना अब क्लब जैसा चलन:  अमेरिका-ब्रिटेन में रिट्रीट और बुक क्लब लोकप्रिय, 93 हजार से 1.6 लाख तक कर रहे खर्च
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रीडिंग रिट्रीट का ट्रेंड; किताबें पढ़ना अब क्लब जैसा चलन: अमेरिका-ब्रिटेन में रिट्रीट और बुक क्लब लोकप्रिय, 93 हजार से 1.6 लाख तक कर रहे खर्च

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दुनिया भर में ‘रीडिंग रिट्रीट’ का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। इसमें लोग अजनबियों के साथ एक ही जगह पर शांति से बैठकर अपनी पसंद की किताबें पढ़ते हैं। इसके लिए वे करीब 93 हजार से लेकर 1.6 लाख रुपए तक भी खर्च कर रहे हैं। पहले पढ़ना अकेले किया जाने वाला काम माना जाता था, लेकिन अब अमेरिका और ब्रिटेन में ऐसे रिट्रीट और बुक क्लब लोकप्रिय हो रहे हैं। एक सर्वे के मुताबिक अब सिर्फ 16% लोग ही मनोरंजन के लिए रोजाना पढ़ते हैं, इसलिए लोगों को फिर किताबों की तरफ लौटाने के लिए ‘रीडिंग हॉलिडे’ जैसे कॉन्सेप्ट को बढ़ावा मिल रहा है। इन रिट्रीट में ज्यादातर महिलाएं शामिल होती हैं। ‘बुटीक बुक ब्रेक्स’ जैसे आयोजनों में योग, स्पा होटल में ठहरना और बुकस्टोर विजिट जैसी सुविधाएं दी जाती हैं, जिससे यह वेलनेस प्रोग्राम जैसा बन जाता है। क्यों लोकप्रिय है यह ट्रेंड ‘बुकटॉक’ (BookTok) सिफारिशों, लिटरेरी फेस्टिवल्स और बुक क्लबों के बढ़ने का सीधा नतीजा है, जहां पाठक अब पूल के किनारे बस एक किताब पढ़ने के बजाय, पढ़ने के अनुभव को एक “पोर्टल” की तरह जी रहे हैं। अनुभव पाठक अब केवल कहानी नहीं पढ़ना चाहते, बल्कि उसी माहौल में जाकर किताब का आनंद लेना चाहते हैं। जैसे- अगाथा क्रिस्टी की किताब पढ़ते हुए नील नदी (Nile) की सैर करना या किसी साहित्यिक सेटिंग वाली जगह की गलियों में टहलना। डिजिटल डिटॉक्स ये रीडिंग रिट्रीट अक्सर शांत, प्राकृतिक या ऐतिहासिक जगहों पर होते हैं, जो यात्रियों को फोन और डिजिटल दुनिया से दूर रहने (Digital Detox) का मौका देते हैं। बदलता नजरिया लोग अब अपनी छुट्टी का मतलब सिर्फ मस्ती नहीं, बल्कि किताबों के साथ जुड़कर खुद को तरोताजा करना भी मान रहे हैं।



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