करीब दो साल बाद शहीद पथ स्थित अंसल एपीआई की सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप के उन पांच हजार आवंटियों को राहत मिलने वाली जिनको पैसा जमा करने के बाद भी न जमीन मिली और न ही फ्लैट। बीते साल फरवरी में राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) ने अंसल को दिवालिया घोषित किया था। अब मंगलवार को प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने इसका प्रस्ताव पास कर दिया कि एलडीए कॉलोनी को हैंडओवर करे और उसके लिए एनसीएलटी में दावा पेश करे ।
बीते साल फरवरी में एनसीएलटी ने अंसल कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया था। उससे पहले न तो आवंटियों और निवेशकों का पक्ष जाना और न अंसल को कॉलोनी विकसित करने का लाइसेंस देने वाली संस्था एलडीए का पक्ष। अंसल को दिवालिया घोषित किए जाने से करीब पांच हजार आवंटियों परेशानी में आ गए थे क्योंकि पैसा जमा किए जाने के बाद भी उनको प्लाट, मकान या फ्लैट अंसल की ओर से नहीं मिले हैं। इसके चलते आवंटी अपीलीय कोर्ट में गए थे। जहां पर करीब 10 महीने तक चली सुनवाई के बाद जुलाई में यह आदेश हुआ कि आवंटियों का पक्ष सुना जाए। जिसके बाद आवंटियों की ओर से एनसीएलटी में अपील की गई थी मगर एलडीए की ओर से कॉलोनी टेक ओवर करने को लेकर कोई अपील की गई थी। चूंकि हाईटेक टाउनशिप का लाइसेंस शासन की कमेटी मंजूरी करती है ऐसे में उसका अनुमति का इंतजार किया जा रहा था। अब शासन से प्रस्ताव पास होने के बाद एलडीए टाउनशिप टेकओवर करने के लिए एनसीएलटी में दावा पेश करेगा।







