शिक्षा

लद्दाख सरकार ने सोनम वांगचुक का किंडरगार्डन स्कूल बंद किया: प्रशासन ने कहा- बिना परमिशन क्लासेस शुरू हुईं; सोनम बोले- टारगेट किया जा रहा

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2 घंटे पहले

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लद्दाख प्रशासन ने ‘हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख’ (HIAL) में शुरू किए ‘डेजर्ट फ्लावर स्कूल’ को बंद करने का नोटिस जारी किया है। HIAL एनवायरमेंट एक्टिविस्ट और साइंटिस्ट सोनम वांगचुक का इंस्टीट्यूट है और उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ‘डेजर्ट फ्लावर स्कूल’ की को-फाउंडर और CEO हैं।

आरोप- बिना मंजूरी के शुरू किया स्कूल

प्रशासन का आरोप है कि स्कूल में जरूरी सरकारी मंजूरी लिए बिना ही क्लासेज शुरू कर दी गईं हैं। साथ ही संस्थान को अलॉट की गई जमीन का मामला भी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

40 साल की लीज को मंजूरी फिर विवाद

डेजर्ट फ्लावर स्कूल विवाद की शुरुआत मई 2018 में हुई थी, HIAL को फियांग थांग में जमीन अलॉट की गई थी। इस जमीन पर हिमालयी क्षेत्र में ऑप्शनल यूनिवर्सिटी बनाए जाने की योजना थी।

ये अलॉटमेंट कई शर्तों के साथ 40 साल की लीज पर प्रस्तावित किया गया था, लेकिन 21 अगस्त 2025 को लद्दाख प्रशासन ने इस जमीन का अलॉटमेंट रद्द कर दिया। प्रशासन का आरोप था कि संस्थान ने न तो लीज से जुड़ा ऑफिशियल डॉक्युमेंटेशन पूरा किया है और न ही स्कूल शुरू करने की।

डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन- HIAL को मान्यता नहीं

इसके साथ ही अक्टूबर 2026 में डिपार्टमेंट ऑफ हायर एजुकेशन ने कहा कि HIAL एक मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी नहीं है और उसके सिलेबस को वैधानिक संबद्धता नहीं मिली है।

HIAL

हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) सोनम वांगचुक द्वारा स्थापित एक शैक्षणिक संस्थान है। इसका उद्देश्य लद्दाख जैसे पहाड़ी और ठंडे क्षेत्रों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए समाधान विकसित करना है।

साथ ही गीतांजलि आंग्मो ने लेह के डिप्टी कमिश्नर से स्कूल के लिए ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) और लेह के फ्यांग (Phyang) में स्थित स्कूल की मैनेजमेंट कमेटी के प्रस्तावित सदस्यों के लिए मंजूरी मांगी थी, इसे भी रोक दिया गया है।

वहीं इस पर डेजर्ट पब्लिक स्कूल की फाउंडर गीतांजली के मुताबिक, हाईकोर्ट में जब हमने पिटीशन दायर की तो कोर्ट ने हमें कहा- ‘लीज डेट साइन नहीं हुई है, लेकिन इस पर काम नहीं रोका जाएगा, क्योंकि ये देरी सरकार की तरफ से है, तो सरकार भी इस जमीन को नहीं छू सकती है, जब तक ये केस निपट नहीं जाता।

सोनम- ‘एक्टिविस्ट हूं, इसीलिए टारगेट किया जा रहा’

सोनम वांगचुक का आरोप है कि लद्दाख से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर उनके समय-समय पर आवाज उठाने की वजह से जमीन विवाद का इस्तेमाल किया जा रहा है और उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

बता दें कि सोनम लंबे समय से लद्दाख राज्य में विशेष दर्जे की मांग को लेकर अभियान चला रहे हैं और जिन्हें पिछले साल ‘राष्ट्रीय सुरक्षा कानून’ (NSA) के तहत जेल भी भेजा गया था। 3 नवंबर को सोनम ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी लेटर लिखा था, जिसमें अरुणाचल प्रदेश में मूल निवासी समुदायों के अधिकारों, लोकतांत्रिक स्वतंत्रता और नाजुक हिमालयी पर्यावरण की रक्षा की जा सके।

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