वैष्णोदेवी मेडिकल इंस्टीट्यूट में एडमिशन वाली पहली लिस्ट पर बवाल:  इसमें 42 मुस्लिम स्टूडेंट; हिंदू संगठनों की मांग- लिस्ट रद्द करें, हिंदुओं को आरक्षण दें
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वैष्णोदेवी मेडिकल इंस्टीट्यूट में एडमिशन वाली पहली लिस्ट पर बवाल: इसमें 42 मुस्लिम स्टूडेंट; हिंदू संगठनों की मांग- लिस्ट रद्द करें, हिंदुओं को आरक्षण दें

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जम्मू47 मिनट पहले

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जम्मू में युवा राजपूत सभा के सदस्यों ने वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। - Dainik Bhaskar

जम्मू में युवा राजपूत सभा के सदस्यों ने वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

रियासी जिले के श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस में कई हिंदू संगठनों विरोध प्रदर्शन किया। इनकी मांग है कि MBBS एडमिशन के लिए पहली सीट अलोकेशन लिस्ट रद्द की जाए।

इन लोगों ने तीर्थस्थल द्वारा वित्त पोषित संस्थान में हिंदुओं के लिए पर्याप्त आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए एक नई प्रवेश प्रक्रिया और मौजूदा नियमों की समीक्षा की भी मांग की।

संस्थान में इस साल MBBS के लिए 50 सीटें स्वीकृत की गई है। 2025-26 सेशन के लिए पहले बैच में एक विशेष समुदाय के 42 छात्रों के प्रवेश ने विवाद को जन्म दे दिया है।

हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि एडमिशन योग्यता के आधार पर दिए गए। संस्थान को अल्पसंख्यक का दर्जा नहीं दिया गया है और इसलिए धर्म के आधार पर कोई आरक्षण मानदंड लागू नहीं किया जा सकता।

दक्षिणपंथी हिंदू समूहों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और नव स्थापित संस्थान को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा देने की मांग की है।

युवा राजपूत सभा, राष्ट्रीय बजरंग दल और कल्कि आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारी।

युवा राजपूत सभा, राष्ट्रीय बजरंग दल और कल्कि आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारी।

बजरंग दल बोला- कॉलेज हिंदुओं के दान के पैसों से बना, खर्च भी उन्हीं पर हो

राष्ट्रीय बजरंग दल के अध्यक्ष राकेश बजरंगी ने कहा 50 छात्रों के पहले बैच में केवल सात हिंदू और एक सिख हैं, जबकि 42 छात्र मुस्लिम हैं, जो हमें मंजूर नहीं है। मेडिकल कॉलेज का निर्माण वैष्णो देवी मंदिर में आने वाले हिंदुओं के दान से हुआ है और यह धन केवल समुदाय के कल्याण के लिए खर्च किया जाना चाहिए।

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