शाहदरा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षाकर्मी की पीट-पीटकर हत्या:  ट्रेन में चढ़ने को लेकर विवाद, यूपी का रहने वाला, ड्यूटी से लौट रहा था घर – New Delhi News
टिपण्णी

शाहदरा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षाकर्मी की पीट-पीटकर हत्या: ट्रेन में चढ़ने को लेकर विवाद, यूपी का रहने वाला, ड्यूटी से लौट रहा था घर – New Delhi News

Spread the love




नई दिल्ली। शाहदरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान हुए विवाद में एक सुरक्षाकर्मी की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर हुई, जहां कुछ यात्रियों से कहासुनी के बाद सुरक्षाकर्मी पर लात-घूंसों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सुरक्षाकर्मी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी पंकज धामा के रूप में हुई है। वह इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत था और ड्यूटी के बाद ट्रेन से घर लौट रहा था। वारदात के बाद आरोपी ट्रेन में सवार होकर फरार हो गए। डीसीपी भरत रेड्डी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि योग एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान पंकज का कुछ यात्रियों से विवाद हो गया था। इसके बाद आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वायरल वीडियो से मिले अहम सुराग घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक एक व्यक्ति पर लात-घूंसों से हमला करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एक आरपीएफ जवान बीच-बचाव के लिए पहुंचता है। हमले के दौरान पंकज जमीन पर गिरकर अचेत हो जाता है, जबकि आरोपी मौके से फरार हो जाते हैं। पुलिस ने वीडियो को जांच में शामिल कर लिया है। साथ ही स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल घटना के बाद शाहदरा रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्टेशन पर आरपीएफ और पुलिस चौकी होने के बावजूद प्लेटफॉर्म पर इतनी बड़ी वारदात होना सुरक्षा इंतजामों पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरपीएफ जवान तो मौके पर पहुंच गया था, लेकिन पुलिस के पहुंचने में देरी हुई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि तत्काल हस्तक्षेप होता तो क्या आरोपी मौके से फरार होने से रोके जा सकते थे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *