सक्सेस मंत्रा- सफलता के लिए जरूरी है नेटवर्किंग:  सही लोगों से जुड़ें, बढ़ेंगे अवसर, रिलेशनशिप बिल्डिंग से करियर को दें नई उड़ान
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सक्सेस मंत्रा- सफलता के लिए जरूरी है नेटवर्किंग: सही लोगों से जुड़ें, बढ़ेंगे अवसर, रिलेशनशिप बिल्डिंग से करियर को दें नई उड़ान

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11 घंटे पहले

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हर कोई अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना चाहता है। कभी नौकरी में तरक्की पाना चाहता है तो कोई बिजनेस स्टैबलिश करना चाहता है। हालांकि, सिर्फ मेहनत करने भर से काम नहीं चलता है। असली कामयाबी के लिए सबसे जरूरी चीज नेटवर्किंग है। अगर आप जिंदगी में सही लोगों के साथ हैं तो कामयाबी काफी हद तक आसान होगी। इसका मतलब है कि आप कितने लोगों को जानते हैं और वे आपकी कितनी मदद कर सकते हैं, यही आपकी कामयाबी की कुंजी है।

आप चाहे स्टूडेंट हों, नौकरी-पेशा हों या बिजनेसमैन। हर क्षेत्र में कामयाबी के दरवाजे नेटवर्किंग से खुलते हैं।

आज ‘सक्सेस मंत्रा‘ कॉलम में हम नेटवर्किंग की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • ये क्यों जरूरी है और इसे कैसे बनाएं?
  • सही रिश्ते कैसे आपकी जिंदगी बदल सकते हैं?

नेटवर्किंग क्या है और क्यों है जरूरी है?

नेटवर्किंग मतलब सिर्फ किसी का नाम जानना या कार्ड्स इकट्ठा करना नहीं है। ये उन लोगों से जुड़ना है जो आपकी सोच से मिलते-जुलते हैं। ये रिश्ते आपको नए मौके देते हैं, सलाह देते हैं और मुश्किल वक्त में साथ खड़े होते हैं। आप किसी काम में कितने भी अच्छे हैं लेकिन अगर कोई आपको जानता ही नहीं, तो आपका हुनर कहां चलेगा?

बिजनेस की दुनिया में एक कहावत है- ‘आपका नेटवर्क ही आपकी वैल्यू है।’ जैसे आपका अनुभव बढ़ता है, वैसे ही आपके कनेक्शन बढ़ने चाहिए। कल्पना कीजिए, आपके हाथ में कुछ धागे हैं। ये धागे आपके दोस्तों से जुड़े हैं और उनके दोस्तों से आगे। जितना दूर का धागा, उतना मुश्किल खींचना। लेकिन अगर आपका नेटवर्क मजबूत है तो मौके खुद चलकर आते हैं।

चाहे लेखक हों या कलाकार, जो अकेले काम करते हैं, वे भी नेटवर्क से फायदा उठाते हैं। जैसे कोई लेखक अपनी किताब बेचने के लिए दोस्तों की मदद लेता है। नेटवर्किंग हर काम में रफ्तार बढ़ाती है।

नेटवर्किंग न करने से क्या नुकसान?

बहुत से लोग सोचते हैं कि मैं अकेला ही काफी हूं। लेकिन सच ये है कि बिना नेटवर्क के आप बहुत से मौके गंवा देते हैं। जैसे कोई अच्छी नौकरी का पता ही नहीं चलता। या मुश्किल में कोई मदद नहीं मिलती। नेटवर्किंग न करने से आपका दायरा छोटा रह जाता है। आप नए ट्रेंड्स से दूर रहते हैं और ग्रोथ रुक जाती है।

मिसाल के तौर पर, अगर आप कॉलेज में हैं और सिर्फ किताबों में डूबे रहते हैं, तो इंटर्नशिप या जॉब के लिए कोई रेफरेंस नहीं मिलेगा। जबकि अगर आप लोगों से बात करते हैं, तो रास्ते आसान हो जाते हैं। नेटवर्किंग न करना जैसे खुद को पीछे धकेलना है।

नेटवर्किंग कोई प्रोसेस नहीं है

नेटवर्किंग को कोई सख्त नियमों वाला काम मत समझिए। ये कोई कमरा नहीं जहां दरवाजा खोलकर घुसा जा सकता है। ये तो जैसे-जैसे लोगों से मिलना और बात करना है। जैसे कोई दोस्ती, जो धीरे-धीरे मजबूत होती है। अगर आप इसे स्टेप्स में बांधेंगे तो बोझ लगेगा।

शुरू में लग सकता है कि आप सिर्फ अपना फायदा देख रहे हैं। लेकिन जैसे-जैसे आप फील्ड में गहराई से जाते हैं, लोग खुद आपसे जुड़ने लगते हैं। आपकी जिज्ञासा उन्हें आकर्षित करती है। ऑनलाइन बातें आसान हैं, लेकिन ऑफलाइन मीटिंग्स में बॉन्ड मजबूत होता है- जैसे हैंडशेक या चेहरे के भाव। अगर कोई आपकी बात न माने, तो निराश मत होना। ज्यादातर नेटवर्किंग ऑनलाइन होती है, जहां कोई जोखिम नहीं। अच्छी बातें आगे बढ़ती हैं।

असरदार तरीके से नेटवर्किंग कैसे करें?

नेटवर्किंग सीखने का सबसे अच्छा तरीका है करके सीखना। हर इंसान अलग है, तो बातचीत भी अलग होगी। लेकिन कुछ टिप्स हैं जो गलतियां बचाती हैं और रिश्ते मजबूत करती हैं।

रेसिप्रोकिटी का ध्यान रखें

इसका मतलब है कि यहां सिर्फ मिलता नहीं है, जरूरत पड़ने पर दूसरों की मदद भी करनी पड़ती है। दूसरों को रिसोर्स दें, इंट्रोडक्शन करवाएं। बिना स्वार्थ के मदद करें। इससे रिश्ता मजबूत होता है।

कम्युनिकेशन अच्छा रखें

साफ-साफ यानी स्पष्ट बात करें। कन्फ्यूजन न होने दें। अपनी बात अच्छे से समझाएं।

ओपन माइंड रखें

अनजान लोगों से बात करते वक्त खुले दिमाग से सुनें। उनके आईडिया को अलग नजरिए से देखें। अगर पसंद न आए, तो सोचकर छोड़ दें।

मौजूदगी दिखाएं

समय-समय पर मैसेज करें- ‘क्या चल रहा है?’ या कोई अच्छी चीज शेयर करें। लोग पसंद करते हैं कि कोई उन्हें याद रखे।

एकदम फेवर न मांगें

पहली बात में मदद न मांगें। रिश्ता गहरा होने दें, फिर पूछें।

ये टिप्स अपनाकर आप अपना नेटवर्क धीरे-धीरे बड़ा करेंगे। ये रिश्ते मुश्किल वक्त में काम आएंगे।

इन छोटे स्टेप्स से आप हर दिन अपना नेटवर्क मजबूत कर सकते हैं।

प्रेरणा की मिसाल हैं ये सफल लोग

कुछ लोग ऐसे हैं जिन्होंने नेटवर्किंग से अपनी जिंदगी बदली-

धीरूभाई अंबानी

एक छोटे गांव से निकलकर उन्होंने रिलायंस कंपनी बनाई। वे लोगों से जुड़ते थे, वैल्यू एक्सचेंज करते थे। उनका नेटवर्क ही उनकी ताकत था।

साइना नेहवाल

बैडमिंटन में नाम कमाने वाली साइना ने कोच और साथियों से जुड़कर सीखा। उनके रिश्तों ने उन्हें चैंपियन बनाया।

इलॉन मस्क

टेस्ला और स्पेसएक्स के फाउंडर मस्क हमेशा नए लोगों से जुड़ते हैं। उनके नेटवर्क से आइडिया और पार्टनर मिलते हैं।

नेटवर्किंग से ही बनी है पूरी दुनिया

जिंदगी उन लोगों को पसंद करती है जो वैल्यू देते हैं। जब आप सच्चे मन से जुड़ते हैं, तो ब्रह्मांड मदद करता है। मुझे कई बार ऐसा लगा कि जब जरूरत पड़ी, वही इंसान सामने आ गया। छोटी मुलाकात से लेकर बड़ा पार्टनर मिल सकता है। नेटवर्किंग हर इंडस्ट्री में काम आती है- सेल्स, बैंकिंग, रिटेल। जैसे सेल्स में क्लाइंट्स से रिश्ता बनाना जरूरी है। बिजनेस में ट्रेंड्स जानने के लिए। मजबूत नेटवर्क से चुनौतियां आसान हो जाती हैं।

नेटवर्किंग जादू नहीं, मेहनत का काम है

नेटवर्किंग कोई जादू नहीं, बल्कि मेहनत से बने रिश्ते हैं। ये आपको नौकरियां, मेंटॉर, आइडिया और सपोर्ट देते हैं। आज से शुरू करें, कोई इवेंट जॉइन करें, किसी से बात करें। याद रखें, एक कनेक्शन आपकी जिंदगी बदल सकता है। आपमें वो ताकत है जो बड़े सपने पूरे करे। बस कदम बढ़ाएं और कमाल देखें।

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