13 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी
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क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ लोग दिन में इतने सारे काम कैसे कर लेते हैं। जब हम इतने काम करना चाहते हैं हमेशा समय कम क्यों पड़ जाता है? क्या उनके पास कोई जादुई छड़ी है? नहीं, उनका सीक्रेट है- टाइम मैनेजमेंट। ‘द 7 हैबिट्स ऑफ हाइली इफेक्टिव पीपल’ जैसी बेस्टसेलर किताब के लेखक स्टीफन कोवे कहते हैं कि, “सफल लोग समय को नहीं, बल्कि अपनी प्राथमिकताओं को मैनेज करते हैं।” इसका मतलब है कि टाइम मैनेजमेंट के लिए सिर्फ घड़ी की सुइयों को नहीं देखना है। हमें यह समझने है कि हमारे लिए सबसे जरूरी क्या है?
आज ‘सक्सेस मंत्रा‘ कॉलम में हम बात करेंगे टाइम मैनेजमेंट की। साथ ही जानेंगे कि- यह किसी भी क्षेत्र में या जीवन में सफलता के लिए क्यों जरूरी है। इसे अपनी जिंदगी में कैसे शामिल किया जाए।

टाइम मैनेजमेंट क्या है?
टाइम मैनेजमेंट का सिंपल मतलब अपने पास मौजूद समय का सही और समझदारी से इस्तेमाल करना है। इसका मतलब ये नहीं है कि काम को जल्दी-जल्दी निपटाना नहीं है, बल्कि यह तय करना है कि हमारा वक्त उन चीजों पर लगे, जो हमारे लिए सबसे ज्यादा मायने रखती हैं। हम सबके पास दिन में सिर्फ 24 घंटे ही होते हैं, लेकिन सवाल यह है कि हम उसका इस्तेमाल कैसे करते हैं। हमारा यह टाइम मैनेजमेंट ही तय करता है कि हम अपने लक्ष्यों की तरफ बढ़ रहे हैं या बस रोज की भागदौड़ में उलझे हुए हैं?
मान लीजिए, आप सुबह उठते हैं और आपके पास ढेर सारे काम हैं। आप क्या करते हैं? बिना सोचे जो सामने आया, उसे शुरू कर देते हैं या पहले यह सोचते हैं कि आज का सबसे जरूरी काम कौन सा है? टाइम मैनेजमेंट हमें यही सिखाता है, सोच-समझकर काम करना।
कोवे का टाइम मैनेजमेंट मैट्रिक्स
स्टीफन कोवे ने टाइम मैनेजमेंट को आसान बनाने के लिए एक खास तरीका बताया है, जिसे ‘टाइम मैनेजमेंट मैट्रिक्स’ कहते हैं। इसमें उन्होंने हमारे सभी कामों को 4 हिस्सों में बांटा है। ग्राफिक में देखिए-

इस मेट्रिक्स को विस्तार से समझिए-
महत्वपूर्ण और अर्जेंट: ये वो काम हैं जो बहुत जरूरी हैं और अभी करने हैं। जैसे-अगर ऑफिस में कोई प्रोजेक्ट की डेडलाइन कल है या घर में कोई इमरजेंसी आ जाए।
महत्वपूर्ण, पर अर्जेंट नहीं: ये वो काम हैं जो हमारे भविष्य के लिए जरूरी हैं, लेकिन अभी जल्दी नहीं है। जैसे- अपने सपनों की प्लानिंग करना, सेहत के लिए एक्सरसाइज करना या परिवार के साथ वक्त बिताना।
अर्जेंट, लेकिन महत्वपूर्ण नहीं: ये वो काम हैं जो जल्दी ध्यान खींचते हैं, लेकिन असल में ज्यादा जरूरी नहीं होते। जैसे- बिना मतलब के फोन कॉल्स या मैसेज का जवाब देना।
न महत्वपूर्ण, न अर्जेंट: ये वो काम हैं जो सिर्फ हमारा वक्त चुराते हैं। जैसे- घंटों टीवी देखना, बेकार की बातों में उलझना या रील्स स्क्रॉल करना।
प्राथमिकताएं कैसे निर्धारित करें?
अब सवाल यह है कि हम अपने कामों को उनकी प्राथमिकता के आधार पर कैसे चुनें, ग्राफिक में देखिए-

इसे विस्तार से समझें
- पहले यह जानें कि आप जिंदगी में क्या चाहते हैं। क्या आप नौकरी में तरक्की करना चाहते हैं? या अपने परिवार के साथ ज्यादा वक्त बिताना चाहते हैं? जब लक्ष्य साफ होंगे, तो प्राथमिकताएं भी साफ हो जाएंगी। अगर आपका सपना है एक बिजनेस शुरू करना, तो हर दिन उसके लिए थोड़ा वक्त निकालें।
- सुबह उठते ही अपने दिन के काम लिख लें। फिर देखें कि कौन सा काम सबसे जरूरी है और उसे पहले करें। एक साधारण टू-डू लिस्ट आपकी बहुत मदद कर सकती है।
- हर किसी को खुश करने की कोशिश न करें। अगर कोई काम आपके लक्ष्यों से मेल नहीं खाता, तो उसे नम्रता से मना कर दें। यह मुश्किल लगेगा, लेकिन जरूरी है।
- हर काम के लिए एक वक्त तय करें। इस तरह सोचें कि मैं यह रिपोर्ट दो घंटे में खत्म करूंगा। इससे आप काम के बीच में ढीले नहीं पड़ेंगे।
टाइम मैनेजमेंट के फायदे
टाइम मैनेजमेंट सिर्फ काम को आसान नहीं बनाता, बल्कि हमारी पूरी जिंदगी को बेहतर करता है। आइए इसके कुछ बड़े फायदे देखें:

ग्राफिक में दिए पॉइंट्स विस्तार से समझिए-
प्रोडक्टिविटी बढ़ती है: जब हम सही कामों पर ध्यान देते हैं, तो कम वक्त में ज्यादा काम हो जाता है। इससे हमारा आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
तनाव कम होता है: काम समय पर खत्म होने से दिमाग हल्का रहता है। रात को चैन की नींद आती है, क्योंकि आपको अगले दिन की चिंता नहीं सताती है।
जीवन में संतुलन आता है: टाइम मैनेजमेंट से आप अपने काम, परिवार, और खुद के लिए वक्त निकाल पाते हैं। इससे जिंदगी में खुशी बढ़ती है।
निर्णय लेना आसान होता है: जब आपको पता हो कि क्या जरूरी है, तो फैसले लेने में वक्त बर्बाद नहीं होता। आप सही और गलत में फर्क आसानी से कर पाते हैं।
टाइम मैनेजमेंट को अपने जीवन में कैसे शामिल करें
टाइम मैनेजमेंट एक ऐसी कला है जो न केवल आपके कार्यों को पूरा करने में मदद करती है, बल्कि आपको एक संतुलित और सुखद जीवन जीने में भी सहायता करती है। इसे अपने जीवन में शामिल करने के लिए ये प्रैक्टिकल टिप्स मदद कर सकते हैं:
1. डेली प्लानर बनाएं
- हर सुबह अपनी टू-डू लिस्ट बनाएं।
- इससे आप अपने कार्यों को प्राथमिकता दे सकते हैं और उनके लिए समय सीमा तय कर सकते हैं।
- एक नोटबुक या मोबाइल ऐप का उपयोग करके अपने दिन की शुरुआत करें।
2. कामों को प्राथमिकता के हिसाब से बांटें
कोवे के मैट्रिक्स का उपयोग करें:
- महत्वपूर्ण और अर्जेंट काम जल्दी करें।
- महत्वपूर्ण हैं, लेकिन अर्जेंट नहीं हैं तो योजना बनाएं।
- अर्जेंट हैं, लेकिन महत्वपूर्ण नहीं हैं तो दूसरों को सौंपें।
- न तो महत्वपूर्ण, न ही अर्जेंट हैं तो हटाएं या कम करें।
- इससे आप यह तय कर सकते हैं कि पहले क्या करना है।
3. डेडलाइन निर्धारित करें
- प्रत्येक कार्य के लिए एक निश्चित समय तय करें।
- समय का पालन करने की कोशिश करें ताकि कार्य समय पर पूरे हों।
4. व्यक्तिगत समय को महत्व दें
- टाइम मैनेजमेंट का उद्देश्य केवल काम करना नहीं, बल्कि जीवन का आनंद लेना भी है।
- अपने लिए समय निकालें, जैसे- एक्सरसाइज करें।
- परिवार के साथ समय बिताएं।
- अपनी पसंद की एक्टिविटीज करें जैसे- किताब पढ़ें या संगीत सुनें।
5. धैर्य और निरंतरता बनाए रखें
- टाइम मैनेजमेंट एक प्रक्रिया है, जो रातों-रात नहीं आती।
- धैर्य रखें और नियमित रूप से अभ्यास करते रहें।
- छोटे-छोटे कदमों से शुरुआत करें और इसमें धीरे-धीरे सुधार करें।
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