3 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
- कॉपी लिंक

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित लाइफस्टाइल के चलते कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आम हो गई हैं। घंटों तक कुर्सी पर बैठे रहना, फास्ट फूड-जंक फूड खाना और नींद की कमी हमारी सेहत पर नकारात्मक असर डालते हैं।
ऐसे माहौल में जरूरी हो जाता है कि हम अपनी डाइट में ऐसे सुपरफूड्स शामिल करें, जो शरीर को अंदर से मजबूती दें और इन चुनौतियों से लड़ने में मदद करें। कद्दू के बीज यानी पंपकिन सीड्स इन्हीं सुपरफूड्स में से एक है।
छोटे दिखने वाले ये सीड्स पोषक तत्वों का खजाना हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, पंपकिन सीड्स में मौजूद जरूरी विटामिन्स, मिनरल्स, एंटीऑक्सिडेंट्स और हेल्दी फैट्स न सिर्फ इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं, बल्कि हार्ट, डायबिटीज, कैंसर, लिवर डिजीज, डाइजेस्टिव और मेंटल हेल्थ के लिए भी बेहद फायदेमंद हैं।
स्टडी में ये भी बताया गया है कि पंपकिन सीड्स में एंटीमाइक्रोबियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-अल्सर जैसी मेडिसिनल प्रॉपर्टीज होती हैं। इनका इस्तेमाल फंक्शनल फूड्स और फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स में किया जाता है।
तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम पंपकिन सीड्स खाने के फायदों के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- पंपकिन सीड्स में कौन-कौन से न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं?
- किन लोगों को पंपकिन सीड्स नहीं खाने चाहिए?
एक्सपर्ट: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ
सवाल- पंपकिन सीड्स में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?
जवाब- यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (USDA) के मुताबिक, पंपकिन सीड्स में प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट्स, मैग्नीशियम, जिंक और एंटीऑक्सिडेंट्स जैसे जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं। नीचे दिए ग्राफिक से 28 ग्राम पंपकिन सीड्स की न्यूट्रिशनल वैल्यू समझिए-

सवाल- पंपकिन सीड्स हमारी सेहत के लिए कैसे फायदेमंद हैं?
जवाब- पंपकिन सीड्स में ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड पाया जाता है, जो अच्छी और गहरी नींद लाने में मदद करता है। इसमें मौजूद विटामिन E और फेनोलिक कंपाउंड्स शरीर को सूजन और फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। वहीं ओमेगा-3 फैटी एसिड और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर व कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित रखने में मदद करते हैं। इससे हार्ट हेल्थ दुरुस्त रहती है।
इसमें मौजूद हाई फाइबर डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर बनाते हैं। साथ ही मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और जिंक हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। इसका नियमित सेवन ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को भी कम कर सकता है। पंपकिन सीड्स में मौजूद जिंक, फाइटोस्टेरॉल्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड पुरुषों की प्रोस्टेट हेल्थ व फर्टिलिटी बेहतर बनाने में मदद करते हैं। वहीं इनमें पाए जाने वाले लिग्नान्स जैसे फाइटोएस्ट्रोजेन्स मीनोपॉज के लक्षणों को कम कर सकते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से इसके फायदे समझिए-

सवाल- पंपकिन सीड्स खाने का सही समय क्या है?
जवाब- पंपकिन सीड्स किसी भी समय खाए जा सकते हैं। लेकिन इसे सुबह खाली पेट, शाम के हेल्दी स्नैक या रात में सोने से पहले थोड़ी मात्रा में खाना अच्छा माना जाता है।
सवाल- पंपकिन सीड्स को डाइट में कैसे शामिल किया जा सकता है?
जवाब- इसे कई तरीकों से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। जैसेकि-
- रातभर भिगोए हुए पंपकिन सीड्स सुबह खाली पेट खा सकते हैं।
- इसे हल्की आंच पर ड्राय रोस्ट करके भी खा सकते हैं।
- इसे ब्लेंड करके स्मूदी या प्रोटीन शेक में डाल सकते हैं।
- ओट्स और दलिया में टॉपिंग के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
- सलाद, सूप या रायता में मिला सकते हैं।
- इसे अन्य सीड्स (सनफ्लावर, चिया, फ्लैक्स) और ड्राईफ्रूट्स के साथ मिलाकर हेल्दी स्नैक के रूप में ले सकते हैं।
सवाल- रोस्टेड, फ्लेवर्ड या रॉ पंपकिन सीड्स में कौन से सबसे ज्यादा फायदेमंद हैं?
जवाब- रॉ, रोस्टेड और फ्लेवर्ड तीन तरह के पंपकिन सीड्स बाजार में मिलते हैं। खाने से पहले इनके अंतर और फायदों को समझना जरूरी है।
रॉ पंपकिन सीड्स
इसमें किसी तरह की प्रोसेसिंग नहीं होती है। इसलिए सीड्स में मौजूद न्यूट्रिएंट्स पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं। ये सबसे हेल्दी विकल्प है।
रोस्टेड पंपकिन सीड्स
इसमें पंपकिन सीड्स को रोस्ट किया जाता है। इससे उसका स्वाद बढ़ जाता है। लेकिन ज्यादा टेम्परेचर पर रोस्ट करने या इसमें नमक डालने से कुछ हेल्दी फैट्स और विटामिन्स नष्ट हो सकते हैं।
फ्लेवर्ड पंपकिन सीड्स
इसमें अतिरिक्त नमक, शुगर, मसाले या प्रिजर्वेटिव्स डाले जाते हैं, जिससे स्वाद तो बढ़ता है लेकिन हेल्थ बेनिफिट्स घट जाते हैं। हाई ब्लड प्रेशर या डाइजेशन की समस्या वालों को इन्हें नहीं खाना चाहिए।

सवाल- क्या बच्चों को पंपकिन सीड्स खिलाया जा सकता है?
जवाब- हां, बच्चों को सीमित मात्रा में पंपकिन सीड्स दिए जा सकते हैं। हालांकि उनकी उम्र और चबाने की क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है। सीड्स में मौजूद जरूरी न्यूट्रिएंट्स बच्चों की फिजिकल और मेंटल ग्रोथ में मदद करते हैं।
3 साल से ऊपर के बच्चों को इसे पीसकर, सूप, दलिया, खिचड़ी या दही में मिलाकर दिया जा सकता है। साबुत सीड्स तभी दें, जब बच्चा अच्छे से चबा सके ताकि गले में न फंसे।
सवाल- क्या ज्यादा मात्रा में पंपकिन सीड्स खाना नुकसादायक भी हो सकता है?
जवाब- सीनियर डाइटीशियन डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि वैसे तो ज्यादा पंपकिन सीड्स खाने का कोई खास नुकसान नहीं है। लेकिन इसमें फाइबर, फैट और कैलोरी की मात्रा अच्छी होती है। इसलिए इसे ज्यादा खाने से वेट गेन या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
सवाल- रोजाना कितनी मात्रा में पंपकिन सीड्स खाना सुरक्षित है?
जवाब- रोजाना 1 से 2 टेबलस्पून (लगभग 15 से 30 ग्राम) पंपकिन सीड्स खाना आमतौर पर सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। इससे पर्याप्त फाइबर, हेल्दी फैट्स, प्रोटीन और मिनरल्स मिल जाते हैं।
सवाल- किन लोगों को पंपकिन सीड्स नहीं खाने चाहिए?
जवाब- जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं, लो ब्लड प्रेशर या फूड एलर्जी है, उन्हें पंपकिन सीड्स का सेवन सावधानी से करना चाहिए। इसके अलावा वेट लॉस कर रहे लोग और प्रेग्नेंट या ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाएं भी इसे सीमित मात्रा में ही खाएं क्योंकि इसके अधिक सेवन कुछ मामलों में गैस, पेट दर्द या हॉर्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
साथ ही किसी भी तरह की मेडिकल कंडीशन में पंपकिन सीड्स अपनी डाइट में शामिल करने से पहले एक डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
………………
जरूरत की ये खबर भी पढ़िए
जरूरत की खबर- ये 9 हर्बल चाय हैं इम्यूनिटी बूस्टर: वेट लॉस से लेकर इंफ्लेमेशन कम करने में मददगार, डॉक्टर से जानें इसके फायदे

हर्बल चाय सूखे फल, फूल, मसाले या जड़ी-बूटियों से बनाई जाती है। कैमोमाइल, पुदीना और अदरक जैसी हर्बल चाय न सिर्फ पीने में स्वादिष्ट होती हैं, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद हैं। पूरी खबर पढ़िए…








