14 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया कि आपने बहुत मेहनत की, लेकिन नतीजे आपकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं आए? या फिर किसी काम को शुरू करते वक्त आप इतना परेशान हो गए कि उसका मजा ही खत्म हो गया? हम सब अपने जीवन में सफल होना चाहते हैं- चाहे वह पढ़ाई हो, नौकरी हो, खेल हो या फिर अपने सपनों को पूरा करना हो। लेकिन ज्यादातर वक्त हमारा ध्यान सिर्फ रिजल्ट पर रहता है। हम सोचते हैं कि अगर रिजल्ट अच्छा आ गया, तो सब कुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन क्या सच में ऐसा है? क्या सफलता सिर्फ रिजल्ट से ही मापी जा सकती है?
इस बार ‘सक्सेस मंत्रा’ कॉलम में हम बात करेंगे कि असली सफलता रिजल्ट में नहीं, बल्कि उस तक पहुंचने जर्नी में छिपी होती है।
प्रोसेस पर फोकस करने का मतलब क्या है?
प्रोसेस पर फोकस करना यानी अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए जो रास्ता आप चुनते हैं, उस पर ध्यान देना। यानी हर छोटे कदम को महत्व देना, न कि सिर्फ अंतिम नतीजे को देखना। यह सीखने का तरीका है, बेहतर होने का तरीका है और सबसे जरूरी अपने काम को एंजॉय करने का तरीका है।
आप एक रेस में दौड़ रहे हैं। अगर आप सिर्फ फिनिश लाइन को देखते रहेंगे, तो शायद आप ठोकर खा जाएं या जल्दी थक जाएं। अगर आप अपनी हर सांस, हर कदम और अपनी रफ्तार पर ध्यान देंगे तो आप न सिर्फ रेस पूरी करेंगे।

प्रोसेस पर फोकस करने के फायदे
अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर प्रोसेस पर ध्यान देने से क्या होगा। इसके कुछ खास फायदों पर नजर डालते हैं, जो आपकी जिंदगी को आसान और खुशहाल बना सकते हैं।

1. कुछ नया सीखने का मौका
जब आप प्रोसेस पर ध्यान देते हैं, तो हर कदम आपके लिए एक सबक बन जाता है। आप अपनी गलतियों को समझते हैं और उन्हें सुधारते हैं। जैसे, अगर आप खाना बनाना सीख रहे हैं और सिर्फ यह सोचते हैं कि खाना एकदम परफेक्ट होना चाहिए, तो शायद आप जल्दी हार मान लें। लेकिन अगर आप हर स्टेप- मसाले डालने से लेकर पकाने तक को एंजॉय करते हैं, तो आप धीरे-धीरे बेहतर होते जाएंगे।
2. नए तरीके आजमाने की हिम्मत
रिजल्ट की चिंता छोड़ देने से आप डर कम महसूस करते हैं। आप नए रास्ते आजमाते हैं, जो शायद आपको पहले कभी न सूझे हों। एक म्यूजिशियन जो सिर्फ हिट गाना बनाने की सोचता है, वह शायद वही पुराने ढर्रे पर चले। लेकिन जो प्रोसेस पर फोकस करता है, वह अलग-अलग धुनें बनाता है, नए इंस्ट्रूमेंट्स आजमाता है, और यही उसे खास बनाता है।
3. हर पल का मजा
प्रोसेस पर ध्यान देने से आप अभी में जीते हैं। आप हर पल को एंजॉय करते हैं, न कि सिर्फ भविष्य की चिंता करते हैं। जैसे, अगर आप बागवानी कर रहे हैं और सिर्फ फूल खिलने का इंतजार करते हैं, तो शायद आपको मजा न आए। लेकिन अगर आप मिट्टी खोदने, बीज बोने और पानी देने को एंजॉय करते हैं, तो हर दिन आपके लिए खुशी लेकर आएगा।
4. अपने हाथ में कंट्रोल
रिजल्ट को आप पूरी तरह कंट्रोल नहीं कर सकते, कई बार बाहर की चीजें उस पर असर डालती हैं। लेकिन प्रोसेस आपके हाथ में होती है। आप तय कर सकते हैं कि आप कितनी मेहनत करेंगे, कैसे करेंगे। एक दुकानदार जो सिर्फ मुनाफे की सोचता है, वह बाजार की उठापटक से परेशान रहता है। लेकिन जो अपनी दुकान को सजाने, ग्राहकों से अच्छे से बात करने पर ध्यान देता है, वह हर दिन आत्मविश्वास से काम करता है।
5. आत्मविश्वास बढ़ता है
जब आपको पता होता है कि आप सही रास्ते पर चल रहे हैं, तो आपका कॉन्फिडेंस बढ़ता है। आप जोखिम लेने से नहीं डरते। एक स्टूडेंट जो सिर्फ एग्जाम में टॉप करने की सोचता है, वह नर्वस हो सकता है। लेकिन जो हर दिन पढ़ने और समझने की प्रक्रिया पर भरोसा करता है, वह हर चुनौती के लिए तैयार रहता है।
असल जिंदगी के उदाहरण
चलिए, कुछ कहानियों से समझते हैं कि कैसे प्रोसेस पर फोकस करने से लोग कामयाब हुए।

खेल की दुनिया में
फिलाडेल्फिया 76र्स नाम की एक बास्केटबॉल टीम ने एक बार मुश्किल वक्त में ‘ट्रस्ट द प्रोसेस’ सूत्र को अपनाया। उन्होंने हर मैच को जीतने के बजाय अपनी स्किल्स को बेहतर करने पर ध्यान दिया। हर प्रैक्टिस में वे अपनी कमजोरियों को सुधारते गए। नतीजा ये हुआ कि कुछ सालों में ही वे चैंपियन बन गए। ऐसा ही कुछ सैन फ्रांसिस्को 49र्स फुटबॉल टीम के कोच बिल वाल्श ने किया। उन्होंने खिलाड़ियों को हर गेम में छोटी-छोटी चीजें- पासिंग, टैकलिंग पर मेहनत करना सिखाया। नतीजे में उनकी टीम ने सुपर बाउल जीता।
कला की दुनिया में
एक पेंटर को अगर सिर्फ यह चिंता हो कि उसकी पेंटिंग बिकेगी या नहीं, तो वह शायद कुछ नया न करे। लेकिन जो पेंटर हर ब्रश स्ट्रोक, हर रंग के मेल को एंजॉय करता है, वह अपनी कला में कमाल कर जाता है। मशहूर आर्टिस्ट गेल सिबली कहती हैं कि जब वे पेंटिंग की प्रक्रिया पर ध्यान देती हैं, तो न सिर्फ उनकी कला बेहतर होती है, बल्कि उन्हें शांति भी मिलती है।
बिजनेस की दुनिया में
जेम्स क्लियर ने अपनी किताब एटॉमिक हैबिट्स में लिखा है कि सफलता लक्ष्यों से नहीं, बल्कि आपकी रोज की मेहनत से आती है। एक दुकानदार अगर सिर्फ मुनाफे की सोचे तो वह शायद जल्दी हार मान ले। जो अपनी दुकान को साफ रखने, ग्राहकों से प्यार से बात करने और अच्छा सामान लाने पर ध्यान देता है, वह धीरे-धीरे बड़ा बन जाता है।
अपनी जिंदगी में
मान लीजिए, आप जिम जा रहे हैं ताकि वजन कम करें। अगर आप सिर्फ वजन घटने की सोचते रहेंगे, तो शायद कुछ दिन बाद थक जाएंगे। लेकिन अगर आप हर वर्कआउट को एंजॉय करते हैं- म्यूजिक सुनते हैं, दोस्तों के साथ एक्सरसाइज करते हैं तो आप लंबे वक्त तक चलते रहेंगे।
प्रोसेस पर फोकस कैसे करें?
अब सवाल यह है कि आप अपनी जिंदगी में इसे कैसे लागू करेंगे। कुछ आसान टिप्स हैं, जो आप आज से शुरू कर सकते हैं।

1. छोटे लक्ष्य बनाएं
अपना बड़ा सपना तय करें, लेकिन उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट लें। अगर आप गिटार सीखना चाहते हैं, तो पहला लक्ष्य रखें कि हर दिन 15 मिनट प्रैक्टिस करूंगा। यह आसान लगेगा और आपको हौसला देगा।
2. हर दिन थोड़ा आगे बढ़ें
बड़े काम को छोटे हिस्सों में करें। अगर आप एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं, तो हर दिन एक चैप्टर पढ़ें। धीरे-धीरे आप पूरे सिलेबस को कवर कर लेंगे।
3. अपनी तरक्की को नोट करें
हर हफ्ते पीछे मुड़कर देखें कि आपने क्या हासिल किया। जैसे, अगर आप लिखना सीख रहे हैं, तो अपने पुराने लेख देखें और नए से तुलना करें। यह आपको जोश देगा।
4. गलतियों को दोस्त बनाएं
गलती हुई तो घबराएं नहीं। उससे सीखें। अगर आप कोई डिश बनाते वक्त जल्दबाजी कर दें और वह खराब हो जाए, तो अगली बार धीरे-धीरे करें। गलतियां हमें सिखाती हैं।
5. हर पल का आनंद लें
आप जो कुछ भी कर रहे हैं, उसमें खुशी ढूंढें। ऐसे समझिए कि अगर आपको डांस सीखना है तो म्यूजिक ऑन करें और थिरकें। प्रोसेस को मजेदार बनाएं तो आप कभी थकेंगे नहीं।
…………………..
ये खबर भी पढ़ें
सक्सेस मंत्रा- सपनों को पूरा करने का एक्शन प्लान: कैसे SMART टेक्नीक से तय करें लक्ष्य, एक फिक्स टाइम लिमिट में करें अचीव

सपने देखना हर इंसान की फितरत है। बचपन में हम डॉक्टर बनने, इंजीनियर बनने या बिजनेस शुरू करने के सपने देखते हैं। बड़े होकर शायद दुनिया घूमने या अपने परिवार को सुखी देखने की चाहत रखते हैं। पूरी खबर पढ़िए…








