11 घंटे पहले
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क्या आपने कभी सोचा कि हमारे शरीर का सबसे मेहनती अंग कौन सा है? जवाब है- लिवर। यह हमारे पेट के दाहिने हिस्से में, पसलियों के नीचे होता है। खाना पचाने से लेकर शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने तक लिवर हमारे शरीर के छोटे-बड़े कुल मिलाकर 500 से ज्यादा काम करता है।
क्या आप जानते हैं कि लिवर में कोई समस्या होने पर भी दर्द नहीं महसूस होता है। असल में लिवर में पेन रिसेप्टर नहीं होते हैं। इसलिए जब इसमें कोई परेशानी होती है तो दर्द अक्सर आसपास के अंगों में या कंधे-पीठ आदि में दर्द महसूस होता है।
इस ‘फिजिकल हेल्थ‘ कॉलम में हम बात करेंगे लिवर के दर्द और लिवर डिजीज के बारे में। साथ ही हम जानेंगे कि-
- लिवर का दर्द कैसा महसूस होता है?
- इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
- मुश्किल होने पर क्या करना चाहिए?
लिवर का दर्द कैसा महसूस होता है?
लिवर पेट के दाहिने हिस्से में होता है। यह ठीक पसलियों के नीचे होता है। अब समस्या ये है कि लिवर में दर्द को महसूस करने वाली नसें नहीं होती हैं। इसलिए इसका दर्द थोड़ा अजीब होता है। इसमें आमतौर पर हल्का दर्द महसूस होता है, जैसे कोई चीज धीरे-धीरे दब रही है। कभी-कभी यह दर्द दाहिने कंधे या पीठ तक भी जा सकता है। कुछ लोगों को पेट में भारीपन या सूजन जैसा भी लगता है।

लिवर डिजीज के क्या लक्षण हैं?
लिवर में पेन रिसेप्टर नहीं होते हैं तो इसके लक्षण जानने के लिए दर्द को संकेत नहीं माना जा सकता। चूंकि लिवर हमारे शरीर के 500 से ज्यादा काम करता है, जब यह ठीक से काम नहीं कर पाता है तो शरीर अलग-अलग तरीकों से हमें बताता है। कुछ कॉमन लक्षण हैं जिन पर ध्यान देना चाहिए-

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो इसे हल्के में न लें। लिवर की परेशानी बहुत धीरे-धीरे बढ़ती है और समय पर ध्यान न देने से हालत बिगड़ सकती है।
लिवर के दर्द के क्या कारण हैं?
लिवर का दर्द कई वजहों से हो सकता है। कुछ कारण सीधे लिवर से जुड़े होते हैं, तो कुछ दूसरी समस्याओं की वजह से लिवर पर असर डालते हैं। यहां कुछ मुख्य कारण हैं-
- ज्यादा शराब पीना: यह लिवर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।
- हेपेटाइटिस: लिवर में सूजन होने की बीमारी।
- फैटी लिवर: खराब खान-पान से लिवर में चर्बी जमा होना।
- सिरोसिस: लिवर का सख्त हो जाना।
- लिवर कैंसर: लिवर में ट्यूमर बनना।
- संक्रमण: लिवर में फोड़ा या इंफेक्शन होना।
- चोट: किसी दुर्घटना में लिवर को नुकसान।
इसके अलावा कुछ दवाएं या टॉक्सिन्स भी लिवर को खराब कर सकते हैं। इसलिए अपने खानपान और आदतों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
लिवर डिजीज के जोखिम
कुछ चीजें हैं जो लिवर डिजीज का खतरा बढ़ा सकती हैं। इन पर नजर रखकर आप अपनी सेहत को बचा सकते हैं-

अच्छी बात यह है कि इन जोखिमों को कम करना आपके हाथ में ही है। थोड़ी सावधानी बरतकर आप अपने लिवर को सुरक्षित रख सकते हैं।
डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
लिवर की परेशानी को समझना थोड़ा मुश्किल तो होता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण कई कॉमन बीमारियों जैसे लगते हैं। लेकिन अगर आपको ये संकेत दिखें, तो फौरन डॉक्टर से मिलें-

ये लक्षण बताते हैं कि लिवर को तुरंत मदद चाहिए। देर करने से हालत और खराब हो सकती है।
लिवर का इलाज और देखभाल
लिवर के दर्द का इलाज उसकी वजह पर निर्भर करता है। अगर यह खराब खानपान या शराब की वजह से है, तो कुछ आसान उपाय मदद कर सकते हैं-
- खूब पानी पिएं।
- शराब को हाथ भी न लगाएं।
- तला-भुना खाना छोड़ दें।
- सही पॉश्चर से बैठें ताकि लिवर पर दबाव न पड़े।
- हल्की एक्सरसाइज करें।
- बहुत भारी खाना न खाएं।
अगर दर्द ज्यादा है या लंबे समय तक बना हुआ है तो डॉक्टर से कंसल्ट करें। वे ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड या दूसरे टेस्ट कर सकते हैं। लिवर की खास बात यह है कि यह खुद को ठीक कर सकता है, बशर्ते सही समय पर सही कदम उठाए जाएं। ध्यान रखें कि दर्द कम करने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह दवा न लें, खासकर पेनकिलर, क्योंकि ये लिवर को और नुकसान पहुंचा सकते हैं।

हमारा सबसे अच्छा दोस्त है लिवर
लिवर हमारा ऐसा दोस्त है जो चुपचाप हमारी मदद करता है, लेकिन जब उसे तकलीफ होती है, तो वह खुद के लिए मदद नहीं मांग पाता है। अपनी समस्या नहीं बता पाता है। इसलिए हमें खुद इसके संकेतों को समझना होगा। अगर आपको दर्द, पीलिया या कोई अजीब लक्षण दिखे तो बिना देर किए डॉक्टर से मिलें। अपने खानपान और आदतों में छोटे बदलाव करके आप अपने लिवर को हमेशा स्वस्थ रख सकते हैं।
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