साइबर लिटरेसी- ‘करवा चौथ गिफ्ट’ के नाम पर ठगी:  ऑफर और डिस्काउंट के झांसे में न आएं, फेस्टिव सीजन में स्कैम से बचने के 11 टिप्स
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साइबर लिटरेसी- ‘करवा चौथ गिफ्ट’ के नाम पर ठगी: ऑफर और डिस्काउंट के झांसे में न आएं, फेस्टिव सीजन में स्कैम से बचने के 11 टिप्स

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3 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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करवा चौथ का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है। लोग त्योहार के लिए नए कपड़े और गिफ्ट्स खरीद रहे हैं। इस मौके को भुनाने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स भी डिस्काउंट और स्पेशल ऑफर्स दे रहे हैं। साइबर ठग इसी मौके का फायदा उठाकर फर्जी ऑफर्स के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं।

पिछले दिनों मध्य प्रदेश के ग्वालियर में ऑनलाइन ठगी के ऐसे दो मामले सामने आए। पहले मामले में एक महिला ने वॉट्सएप पर आए ‘करवा चौथ फ्री गिफ्ट’ मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक किया। कुछ ही देर बाद उसके बैंक खाते से ₹500 कट गए।

वहीं दूसरे मामले में एक युवक अपनी पत्नी के लिए ऑनलाइन गिफ्ट तलाश रहा था। इसी दौरान सोशल मीडिया पर दिखे एक करवाचौथ ऑफर के लिंक पर क्लिक करते ही उसके UPI खाते से ₹1,700 कट गए। ऐसे में करवा चौथ के नाम पर चल रहे इस तरह के स्कैम के बारे में जानना जरूरी है।

इसलिए आज ‘साइबर लिटरेसी’ में ‘करवाचौथ फ्री गिफ्ट स्कैम’ के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • ठग इस स्कैम में लोगों को कैसे फंसा रहे हैं?
  • फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखें?

एक्सपर्ट- राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस

सवाल- ‘करवाचौथ फ्री गिफ्ट स्कैम’ क्या है?

जवाब- यह एक साइबर फ्रॉड है। इसमें ठग करवा चौथ के नाम पर फ्री गिफ्ट, स्पेशल ऑफर या डिस्काउंट का झांसा देकर ठगी को अंजाम देते हैं।

सवाल- त्योहारों पर गिफ्ट और ऑफर से जुड़े साइबर फ्रॉड क्यों बढ़ जाते हैं?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-

  • त्योहारों पर कपड़े, ज्वेलरी, गिफ्ट और दूसरे सामानों की ऑनलाइन खरीदारी बढ़ जाती है।
  • ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कंपनियां खास डिस्काउंट और ऑफर देती हैं।
  • लोग डिस्काउंट और फ्री गिफ्ट के चक्कर में अनजान लिंक पर क्लिक कर देते हैं।
  • ठग इसी मौके का फायदा उठाते हैं और लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं।

सवाल- ठग करवाचौथ के नाम पर किस तरह के ऑफर दे सकते हैं?

जवाब- साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर राहुल मिश्रा के मुताबिक, ठग करवाचौथ के नाम पर कई तरह के फर्जी ऑफर भेज सकते हैं, जैसेकि-

  • करवाचौथ स्पेशल गिफ्ट।
  • करवाचौथ फ्री साड़ी गिफ्ट।
  • करवाचौथ स्पेशल ऑफर।
  • फ्री ज्वेलरी गिफ्ट।
  • करवाचौथ गिफ्ट वाउचर।
  • फ्री शॉपिंग कूपन।
  • करवाचौथ मेगा डिस्काउंट।

सवाल- ठग इस स्कैम में लोगों को कैसे फंसाते हैं?

जवाब- ठग ऑफर के नाम पर APK फाइल या लिंक भेजकर स्कैम को अंजाम देते हैं। स्कैम का पूरा खेल ग्राफिक से समझिए-

सवाल- APK फाइल क्या है? संदिग्ध APK इंस्टॉल करने के क्या रिस्क हो सकते हैं?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-

  • APK (एंड्रॉयड पैकेज किट) वह फाइल होती है, जिसका इस्तेमाल एंड्रॉयड फोन में एप इंस्टॉल करने के लिए किया जाता है।
  • जब आप ‘गूगल प्ले स्टोर’ से कोई एप डाउनलोड करते हैं, तब भी बैकग्राउंड में APK ही इंस्टॉल होती है।
  • समस्या तब होती है, जब APK फाइल किसी अनजान लिंक से डाउनलोड की जाए।
  • इन APK फाइलों में मालवेयर होता है। इसे इंस्टॉल करने के बाद फोन हैक हो सकता है और सेंसिटिव डेटा चोरी हो सकता है।

सवाल- किन कॉमन गलतियों की वजह से लोग इस स्कैम में फंसते हैं?

जवाब- छोटी-सी लापरवाही भी साइबर ठगी का कारण बन सकती है। स्कैम से जुड़ी सभी कॉमन गलतियां देखिए-

  • फ्री गिफ्ट देखकर तुरंत भरोसा करना।
  • जल्दबाजी में ऑफर की जांच न करना।
  • APK फाइल डाउनलोड/इंस्टॉल करना।
  • फर्जी वेबसाइट पर संवेदनशील जानकारी शेयर करना।
  • एप को गैरजरूरी परमिशन देना।
  • संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना।
  • किसी भी कॉल, मैसेज पर तुरंत भरोसा करना।

सवाल- फर्जी और नकली ऑफर को कैसे पहचानें?

जवाब- कुछ आसान संकेतों से असली और फर्जी ऑफर की पहचान की जा सकती है। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- अगर गलती से APK फाइल डाउनलोड कर ली या फर्जी लिंक खोल लिया तो तुरंत क्या करें?

जवाब- ऐसे में घबराएं नहीं, तुरंत ये कदम उठाएं-

APK तुरंत अनइंस्टॉल करें।

  • एप को दी गई परमिशन तुरंत हटाएं।
  • फोन का इंटरनेट बंद करें।
  • सभी जरूरी पासवर्ड बदलें।

2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन करें।

अगर बैंक खाते से संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुआ हो तो तुरंत बैंक को सूचना दें।

सवाल- अगर पैसे कट गए हैं तो तुरंत कौन-से कदम उठाने चाहिए?

जवाब- ऐसे में समय बर्बाद न करें। तुरंत ये एक्शन लें-

  • बैंक को फ्रॉड की सूचना दें।
  • UPI/कार्ड को ब्लॉक कराएं।
  • UPI पिन और बैंकिंग पासवर्ड बदलें।
  • संदिग्ध APK/एप को फोन से हटाएं।
  • 1930 पर साइबर फ्रॉड की शिकायत करें।
  • बैंक SMS और ट्रांजैक्शन की जानकारी सुरक्षित रखें।
  • शिकायत संख्या संभालकर रखें।

सवाल- फेस्टिव सीजन में स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखें?

जवाब- फेस्टिव सीजन में किसी भी ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें। स्कैम से बचने के लिए ग्राफिक में दी गई इन बातों का ध्यान रखें-

सवाल- इस स्कैम की शिकायत कहां और कैसे करें?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-

  • साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके फ्रॉड की जानकारी दें।
  • cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
  • नजदीकी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत कर सकते हैं।
  • मैसेज, APK, लिंक, स्क्रीनशॉट और ट्रांजैक्शन की जानकारी सुरक्षित रखें।

सवाल- शिकायत करते समय कौन-कौन से सबूत सुरक्षित रखें?

जवाब- शिकायत करते समय ठगी से जुड़े सभी डिजिटल सबूत सुरक्षित रखें, जैसेकि-

  • ठगी वाले मैसेज का स्क्रीनशॉट।
  • ठग का मोबाइल नंबर।
  • ठग से हुई चैट या कॉल की जानकारी।
  • APK फाइल या संदिग्ध लिंक का स्क्रीनशॉट।
  • सोशल मीडिया प्रोफाइल/पोस्ट का स्क्रीनशॉट।
  • बैंक और साइबर क्राइम शिकायत नंबर।
  • बैंक/UPI ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट।
  • बैंक से आए SMS का स्क्रीनशॉट।
  • ट्रांजैक्शन ID/UTR नंबर।

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ग्राफिक- अजीत सिंह

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