25 मिनट पहले
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किताबों से जानिए, किसी बात को व्यक्तिगत क्यों नहीं लेना चाहिए? जो जीवन के साथ बदलता नहीं, उसका क्या होता है?
जीवन की कठिनाइयां हमें जगाने आती हैं विजय का अर्थ दूसरों पर जीत नहीं, खुद पर विजय है। जो खुद को जीत लेता है, वह सबसे शक्तिशाली होता है। कठिनाइयां आपको जगाने आती हैं। जब आप अपने हर अनुभव को शिक्षक की तरह स्वीकार करना सीख जाएंगे तब ही आपको पता चलेगा कि सच्ची बुद्धि पढ़ने से नहीं, जीवन को जीने से आती है। (द वे ऑफ द पीसफुल वॉरियर -डैन मिलमैन)
आप जो बोलते हैं वही आपका संसार बनेगा शब्द सृजन की शुरुआत हैं। आप जो बोलते हैं, वही आपका संसार बनता है। किसी बात को व्यक्तिगत न लें क्योंकि जो लोग आपके बारे में बोलते हैं वह उनका प्रतिबिंब है, आपका नहीं। हर परिस्थिति में अपना सर्वश्रेष्ठ दें। ऐसा करने से आपके अंदर एक असाधारण शांति जन्म लेती है, जहां केवल स्वीकृति होती है। (द फोर एग्रीमेंट्स -डॉन मिगल रिज़)
जीवन कभी प्रेम देगा, कभी धैर्य सिखाएगा हर दिन जागने की एक नई वजह होती है। हम जीवन के हर अनुभव में या तो बंद हो जाते हैं, या खुल जाते हैं। जब हम खुलना चुनते हैं, तो हर दर्द सीख बन जाता है। जीवन आपको हमेशा वही देगा जो आगे बढ़ने के लिए जरूरी है। कभी प्यार देगा, कभी धैर्य सिखाएगा। हर पल में पूर्ण रूप से उपस्थित रहें। इस क्षण में जिएं। (द बुक ऑफ अवेकनिंग -मार्क नेपो)
अनिश्चितता को अपनाना ही असली स्वतंत्रता हम हमेशा जीवन में स्थिरता की खोज करते हैं, लेकिन असल में हम ये नहीं जानते कि जीवन का स्वभाव ही अस्थिरता है। जो जीवन के साथ बदलता नहीं, वो मर जाता है। दरअसल सुरक्षा की खोज हमें भय में बांध देती है। लेकिन अनिश्चितता को अपनाना ही असली स्वतंत्रता होती है। वर्तमान क्षण ही एकमात्र वास्तविकता है। ना अतीत लौट सकता है, ना भविष्य मौजूद है। सिर्फ यह सांस, यह पल, यही सत्य है। जो इसे पूरी तरह जी लेता है, वही वास्तव में जीवित होता है। (द विजडम ऑफ इन्सिक्योरिटी…-एलन वॉट्स)








