सेहत का विज्ञान: रोजाना सिर्फ 10 मिनट की वॉक:  इन 5 वॉकिंग स्टाइल को बनाएं अपनी आदत, जॉइंट्स होंगे मजबूत, बॉडी का बैलेंस बेहतर
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सेहत का विज्ञान: रोजाना सिर्फ 10 मिनट की वॉक: इन 5 वॉकिंग स्टाइल को बनाएं अपनी आदत, जॉइंट्स होंगे मजबूत, बॉडी का बैलेंस बेहतर

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7 घंटे पहलेलेखक: रेणु रखेजा

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हम दिनभर एक ही तरह से चलते हैं… सीधे, फ्लैट और तेज। लेकिन यही पैटर्न मसल्स और जोड़ को समय के साथ कमजोर कर देता है। खासकर 40 की उम्र के बाद काफ, शिन और हिप मसल्स उतनी ट्रेनिंग नहीं पा पाते और जॉइंट्स सख्त हो जाते हैं।

हालांकि एक्सरसाइज या जिम पर जाने का समय न भी हो तो भी सिर्फ 10 मिनट की 5 तरह की वॉक से आप बैलेंस, पॉश्चर और फ्लेक्सिबिलिटी को बेहतर बना सकते हैं। इसे ऐसे समझें, जैसे शरीर के लिए रोज का मल्टीविटामिन हो।

1. टो वॉक (ताड़ासन वॉक) – 1 मिनट

एड़ी उठाकर पंजों पर चलें। छाती सीधी, आंखें सामने, हाथ ढीले रखें। इससे काफ मसल्स और रीढ़ की मसल्स मजबूत होती हैं। झुककर चलने की आदत कम होती है। हालांकि आगे झुकने और घुटने को लॉक करने की गलती न करें। इसका आसान तरीका है कि दीवार या किचन काउंटर का हल्का सपोर्ट लें।

2. हील वॉक – 1 मिनट

पंजे उठाकर सिर्फ एड़ियों पर छोटे-छोटे कदम चलें। इससे शिन मसल्स मजबूत होती हैं। घुटनों पर कंट्रोल आता है और ठोकर लगने की संभावना कम होती है। ध्यान रखें कि पंजे नीचे न गिरें और घुटने पीछे न झटकें। इसका आसान तरीका है कि 10 कदम हील वॉक और 10 कदम सामान्य वॉक को मिलाकर करें।

3. हिप रोटेशन वॉक– 1 मिनट

कदम आगे बढ़ाएं, घुटना उठाएं और जांघ से हल्का बाहर की ओर सर्कल बनाकर पैर रखें। इसके फायदे हैं कि हिप्स की जकड़न कम होती है, लोअर बैक रिलैक्स होता है और स्ट्राइड लंबा होता है। ध्यान रखें कि सर्कल छोटे और नियंत्रित हों, शरीर सीधा रहे।

4. साइड-टू-साइड वॉक (हाफ स्क्वैट) – 1 मिनट

हल्के स्क्वैट में बैठें, कमर पीछे, छाती ऊपर और घुटने 30 से 45 डिग्री मुड़े हों। अब दाईं ओर कदम बढ़ाएं, फिर बाईं ओर। इससे जांघ और हिप स्टेबलाइजर (ग्लूट मेडियस) एक्टिव होते हैं। सीढ़ी या असमतल जमीन पर स्थिरता बढ़ती है। ध्यान रखें कि घुटने पंजों की लाइन में रहें।

5. रिवर्स वॉक (पीछे चलना) 2–5 मिनट

सीधे खड़े होकर कंधे के ऊपर से पीछे देखें और छोटे-छोटे कदम पीछे की ओर लें। इसका फायदा ये है कि बैलेंस और कोऑर्डिनेशन बेहतर होता है, घुटनों पर दबाव कम पड़ता है और जांघ की भीतरी मसल्स (वास्टस मेडियालिस) मजबूत होती हैं। सुरक्षा के लिए साफ जगह चुनें, रास्ता खाली हो और जरूरत हो तो किसी की मदद लें।

कब करें?

  • सुबह–शाम छोटे-छोटे स्लॉट्स में भी कर सकते हैं।
  • जिम सेशन और बाहर वॉक का बेहतरीन सपोर्ट है।
  • इनसे उन मसल्स की ट्रेनिंग होती है, जो आम वॉक में छूट जाती हैं।

सावधानी

  • नॉन-स्लिप फ्लोर या फ्लैट फुटवियर में करें।
  • अगर घुटने/एड़ी में दर्द, चक्कर या हाल ही में सर्जरी हुई हो तो डॉक्टर या फिजियो से सलाह लें।
  • हल्की मसल वार्मथ सामान्य है, तेज दर्द हो तो तुरंत रोकें।

रेणु रखेजा जानी-मानी न्यूट्रिशनिस्ट एवं हेल्थ कोच हैं।

@consciouslivingtips

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