स्टडी में दावा:  दिमाग के घोड़े दौड़ाने में शरीर की 20% ऊर्जा खर्च होती है, आराम और तनाव में बराबर खपत
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स्टडी में दावा: दिमाग के घोड़े दौड़ाने में शरीर की 20% ऊर्जा खर्च होती है, आराम और तनाव में बराबर खपत

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भले ही आप एक थका देने वाले काम के बाद आराम करते हुए टीवी देख रहे हों, लेकिन इस दौरान भी आपका दिमाग सक्रिय रहता है। एक इंटरनेशनल रिसर्च के अनुसार, आराम की स्थिति में भी हमारा दिमाग लगभग उतनी ही ऊर्जा खर्च करता है जितनी किसी कठिन मानसिक काम के दौरान करता है। ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी की न्यूरोसाइंटिस्ट शारना जमादार और उनकी टीम की एक स्टडी के मुताबिक, शरीर के वजन का करीब 2% होने के बावजूद दिमाग ऊर्जा का 20% हिस्सा इस्तेमाल करता है। शिशुओं में यह मात्रा 50% तक पहुंच जाती है। जब हम कठिन मानसिक काम करते हैं, तब दिमाग की ऊर्जा खपत आराम की स्थिति की तुलना में 5% बढ़ जाती है। मतलब आराम या मानसिक सक्रियता के दौरान दिमाग की ऊर्जा खपत में बहुत बड़ा अंतर नहीं आता। दिमाग का काम सिर्फ सोचना नहीं कई रिसर्च से स्पष्ट हुआ है कि दिमाग की अधिकांश ऊर्जा सोचने में नहीं बल्कि शरीर को चलाने और संतुलित रखने में खर्च होती है। अमेरिका की नॉर्थ-ईस्टर्न यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर जॉर्डन थेरियॉल्ट के मुताबिक दिमाग का बड़ा हिस्सा शरीर के विभिन्न अंगों के बीच तालमेल बनाए रखने, शरीर की आंतरिक प्रणालियों को नियंत्रित करने और बदलते वातावरण के अनुरूप प्रतिक्रिया देने में लगा रहता है। आराम में क्या करता है दिमाग? शोधकर्ताओं के मुताबिक जब हम आराम कर रहे होते हैं या किसी अन्य शारीरिक गतिविधि में शामिल नहीं होते हैं तब दिमाग का नेटवर्क अतीत, वर्तमान और भविष्य के परिदृश्यों के बीच मानसिक रूप से भटकने की प्रक्रिया में शामिल होता है। जैसे कि आप रात के खाने में क्या बनाएंगे या खाएंगे, पिछले सप्ताह की कोई याद, या कूल्हे में दर्द। इसके अलावा हमारा मस्तिष्क शरीर के तापमान, ब्लड शुगर लेवल, हृदय गति, श्वसन दर आदि पर भी नजर रखता है।



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