स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:  शुभ कर्म ही सच्ची पूंजी, सेवा और सकारात्मक चिंतन से मिलता है जीवन का लक्ष्य
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स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: शुभ कर्म ही सच्ची पूंजी, सेवा और सकारात्मक चिंतन से मिलता है जीवन का लक्ष्य

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हरिद्वार12 घंटे पहले

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शुभ कर्म ही हमारी मूल पूंजी है। अच्छे काम सुख-समद्धि के बीज भी हैं। इसलिए सदैव शुभ कर्म करते रहें। शुभ कर्मों का अर्थ है दूसरों की सेवा करना, दूसरों के दुर्गुण और दोष न देखना। लोगों में जो सद्गुण हैं, शुभता है, उन्हीं का ध्यान करते रहें। अपनी भाषा में एक ऐसा भाव लाएं कि हम अच्छे शब्द बोल रहे हैं, हमारा चिंतन सकारात्मक है।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए लक्ष्य की ओर कैसे बढ़ सकते हैं?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

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