स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:  निराशा और स्वयं को छोटा मानने की भावना से हमारी शक्ति कम हो जाती है, इन भावों से बचें
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स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: निराशा और स्वयं को छोटा मानने की भावना से हमारी शक्ति कम हो जाती है, इन भावों से बचें

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  • Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. Feelings Of Despair And Self belief Diminish Our Strength; Avoid These Feelings.

हरिद्वार10 घंटे पहले

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निराशा को अपने जीवन में न आने दें। दैन्य भाव यानी स्वयं को छोटा मानने की भावना से हमारी शक्ति को कम कर देता है, इसलिए इस भाव से दूर चाहिए। अपने आसपास कभी निराशा का वातावरण न बनने दें। कभी ये न कहें कि अब कुछ संभव नहीं है, क्योंकि जीवन में कुछ भी असंभव नहीं होता। हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है, अगर हमारी संकल्प शक्ति मजबूत हो। हमारे संकल्प उच्च और शुभ होने चाहिए। निरंतर साधना, धैर्य और कठिन पुरुषार्थ से सफलता मिलती है।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए किसी काम में सिद्धि कैसे मिलती है?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

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