स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:  जब व्यक्ति भय मुक्त होता है, तब उसके भीतर सकारात्मक सोच, गुण और ईश्वरीय शक्ति जागती है
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स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: जब व्यक्ति भय मुक्त होता है, तब उसके भीतर सकारात्मक सोच, गुण और ईश्वरीय शक्ति जागती है

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हरिद्वार9 घंटे पहले

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अभयता यानी निडरता जीवन की बहुत ऊंची अवस्था मानी गई है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि निडरता मन की पवित्रता और आत्मिक शक्ति दर्शाती है। जब व्यक्ति भय से मुक्त होता है, तब उसके भीतर सकारात्मक सोच, दिव्य गुण और ईश्वरीय शक्ति जागृत होती है। भय मनुष्य को कमजोर बनाता है, उसका आत्मविश्वास घटाता है और उसकी ऊर्जा को नष्ट करता है। इसके विपरीत, अभयता व्यक्ति को साहसी, मजबूत और कर्मशील बनाती है।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए भय दूर करने के लिए क्या करें?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

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