स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:  जिन संस्कृतियों में परोपकार, करुणा, त्याग और समता का भाव है, वे हमेशा टिकी रहती हैं
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स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: जिन संस्कृतियों में परोपकार, करुणा, त्याग और समता का भाव है, वे हमेशा टिकी रहती हैं

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हरिद्वार6 घंटे पहले

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इस संसार में कई संस्कृतियां, सभ्यताएं, राज सत्ताएं रही हैं, जिन्होंने पूरे संसार पर शासन किया है, लेकिन आज उनमें से कई सभ्यताएं, राजा और संस्कृतियां खत्म हो चुकी हैं। बहुत से पश्चिमी शासकों ने पूरे संसार को एक करने का प्रयास किया था, लेकिन वो ऐसा कर नहीं सकें, क्योंकि उनकी संस्कृतियों में क्रूरता थी, वहां परोपकार, करुणा और समता नहीं थी। वे सब के सब क्रूर और लोभी शासक थे। भारत के राजा हरिश्चंद्र, विक्रमादित्य, हर्षवर्धन, राणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी जैसे अनेक महापुरुषों ने त्याग और बलिदान का संदेश दिया है। वही संस्कृति, सभ्यताएं, राजघराने अथवा शूरवीर यहां टिके रहे हैं, जिनके पास नैतिकता है।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए कैसे लोगों को कभी जीत नहीं मिल पाती है?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

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