- Hindi News
- Jeevan mantra
- Dharm
- Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. Knowledge Reveals The Truth; By Recognizing Our Own Strength And Working In The Right Direction, We Can Overcome Sorrow.
हरिद्वार15 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

जीवन में दुख आत्म-विस्मृति के कारण आते हैं। हमारे शास्त्रों के अनुसार जब व्यक्ति अपने वास्तविक स्वरूप, सामर्थ्य और उद्देश्य को भूलता है, तब वह दुखों से घिर जाता है। आत्म-स्मृति का अर्थ है यह समझना कि भगवान ने हमें शक्ति, विद्या, तेज, पराक्रम और पुरुषार्थ देकर इस संसार में भेजा है। हमारा जीवन निरर्थक नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक विशेष उद्देश्य है। हम अपने साथ जो भाग्य और संभावनाएं लेकर आते हैं, उनमें अनंत ऊंचाइयां प्राप्त करने की क्षमता है। अपनी शक्ति को पहचानकर और सही दिशा में प्रयास करके व्यक्ति दुखों पर विजय पा सकता है।
आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए मनुष्य होने का अर्थ क्या है?
आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।
-
स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: अच्छे कार्य बिना रुके करते रहना चाहिए, तभी व्यक्तित्व विकास होता है और सफलता मिलती है
1:06
- कॉपी लिंक
शेयर
-
स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: सुबह प्रकृति में आनंद, ताजगी और नई ऊर्जा का वातावरण रहता है, इस ऊर्जा का लाभ लें
1:02
- कॉपी लिंक
शेयर
-
स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: अज्ञान, आलस, छोटी सोच, कमजोरियां और नकारात्मक भावनाएं व्यक्ति को आगे बढ़ने नहीं देतीं
1:33
- कॉपी लिंक
शेयर
-
स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: धरती, आकाश, जल, वायु और सूर्य नि:स्वार्थ भाव से काम करते हैं, हम भी परोपकार करें
1:00
- कॉपी लिंक
शेयर









