हरिद्वार में आज नगर निगम बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें मीट बैन का प्रस्ताव पास हुआ।
हरिद्वार में अब मीट की दुकानें नहीं खुलेंगी। इसे लेकर नगर निगम की बैठक में सोमवार को प्रस्ताव पास हो गया है। इसमें मीट की दुकानों को शहर से बाहर शिफ्ट करने का फैसला लिया गया। नगर निगम की बोर्ड बैठक में पार्षदों ने सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास कराया
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हरिद्वार नगर निगम के कुल 60 पार्षदों में से आज 30 से ज्यादा पार्षद बैठक में मौजूद रहे। मीट पर प्रतिबंध और दुकानों को शिफ्ट करने का प्रस्ताव मेयर किरण जैसल ने रखा था, जिसे सदन ने हरी झंडी दे दी।
पार्षदों का तर्क है कि धार्मिक नगरी होने की वजह से शहर के अंदर मांस की दुकानों का चलाया जाना उचित नहीं है। यह फैसला शहर की स्वच्छता और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

मेयर किरण जैसल के प्रस्ताव पर कुछ पार्षद हंगामा करते दिखे।
बाहर से मीट लाने पर रोक नहीं
नगर निगम में पास प्रस्ताव में कहा गया कि मीट पर प्रतिबंध केवल शहर के अंदर की दुकानों और व्यावसायिक बिक्री पर लागू होगा। व्यक्तिगत रूप से बाहर से मीट लाने या खाने पर कोई रोक नहीं होगी।
अगर कोई व्यक्ति शहर की सीमा से बाहर जाकर मीट खरीदता है तो उन पर यह नियम लागू नहीं होंगे। नगर निगम का मकसद शहर के मुख्य मार्गों और रिहायशी इलाकों में मांस की दुकानों के खुले प्रदर्शन और व्यावसायिक गतिविधियों को रोकना है, न कि नागरिकों के निजी खान-पान पर अंकुश लगाना।

ऑनलाइन भी नहीं मिलेगा कच्चा मांस
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल दुकानों तक ही सीमित नहीं होगा, बल्कि शहर की सीमा के अंदर ऑनलाइन कच्चा मांस मंगाना भी प्रतिबंधित रहेगा। निगम प्रशासन ने कहा है कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी एग्रीगेटर्स (जैसे Blinkit, Zomato, Swiggy आदि) को भी इस नियम का सख्ती से पालन करना होगा।
शहर के अंदर कहीं भी कच्चे मांस की डिलीवरी की इजाजत नहीं होगी। अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या सेवा प्रदाता नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अपने ऑफिस में बैठ जानकारी देतीं महापौर किरन जैसल।- फाइल फोटो।
बोर्ड की मंजूरी के बाद लागू होगा प्रस्ताव
नगर निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि प्रस्ताव को 6 अप्रैल की बोर्ड बैठक में रखा गया। अब मंजूरी मिल गई है, तो तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। मेयर किरन जैसल ने कहा कि नगर निगम के बायलॉज में पहले से ही निगम क्षेत्र में मांस और नॉनवेज की बिक्री पर प्रतिबंध का प्रावधान मौजूद है। इस प्रस्ताव के जरिए उसी नियम को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।

पहले भी बनी थी योजना, अब फिर आगे बढ़ी पहल
यह पहली बार नहीं है जब मीट दुकानों को शिफ्ट करने की योजना बनाई गई है। पिछले साल भी तत्कालीन नगर आयुक्त नंदन कुमार ने इस दिशा में पहल की थी। उस समय भी करीब 57 दुकानों की पहचान की गई थी, लेकिन योजना पूरी तरह लागू नहीं हो सकी थी।
कच्चे मांस पर पहले कार्रवाई, पक्के मीट पर बाद में फैसला
नगर निगम ने फिलहाल कच्चे मांस की दुकानों को हटाने को प्राथमिकता दी है। मेयर के मुताबिक, पक्के मीट की दुकानों को लेकर भी भविष्य में बोर्ड में प्रस्ताव लिया है। अभी के लिए कार्रवाई केवल कच्चे मांस की दुकानों तक सीमित रहेगी।
नगर निगम ने साफ किया है कि यह फैसला कुंभ मेले से जुड़ा नहीं है। यह पूरी तरह से धार्मिक आस्था और गंगा की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए लिया गया कदम है। मेयर ने कहा कि मां गंगा मोक्षदायिनी हैं और नगर निगम नहीं चाहता कि किसी की आस्था को ठेस पहुंचे। इसी उद्देश्य से योजना को जल्द लागू करने की तैयारी की जा रही।

बैठक में मीट के फैसले पर हंगामा
मीट की दुकानों पर कड़े फैसले के बीच सदन की कार्यवाही काफी हंगामेदार रही। बैठक की शुरुआत में ही एक निर्दलीय पार्षद के भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी झड़प हुई।
विपक्षी पार्षदों ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया, वहीं सत्ता पक्ष ने इसे व्यक्तिगत निर्णय करार दिया। बैठक में उस समय सबका ध्यान खींचा, जब निर्दलीय पार्षद हिमांशु गुप्ता हाथ में झुनझुना लेकर सदन पहुंचे।
उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है और उन्हें सिर्फ ‘झुनझुना’ थमाया जा रहा। उनके इस अनोखे विरोध ने अधिकारियों और अन्य पार्षदों को हैरान कर दिया।
कुंभ 2027 और स्वच्छता पर जोर
मीट की दुकानों के अलावा बैठक में कुल 46 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। आगामी कुंभ मेला 2027 को देखते हुए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात और स्वच्छता व्यवस्था को सुधारने पर जोर दिया गया। पार्षदों ने शहर में कूड़ा उठान में लापरवाही और सफाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि कुंभ से पहले शहर की सूरत बदली जाएगी। इसके साथ ही पारित हुए सभी 46 प्रस्तावों, जिनमें सड़क निर्माण और जल निकासी शामिल हैं, इन पर चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा।
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हरिद्वार नगर निगम के अंदर चल रही मीट की दुकानों को अब शहर से बाहर शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस मामले में नगर निगम की ओर से प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जिसे 6 अप्रैल को होने वाली बोर्ड बैठक में रखा गया। (पढ़ें पूरी खबर)








