IND vs ENG: ऋषभ पंत का समरसॉल्ट सेलीब्रेशन क्या उनके लिए जानलेवा है? डॉ. दिनशॉ पारदीवाला ने बताया
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IND vs ENG: ऋषभ पंत का समरसॉल्ट सेलीब्रेशन क्या उनके लिए जानलेवा है? डॉ. दिनशॉ पारदीवाला ने बताया

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IND vs ENG: भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले की पहली पारी में जब लीड्स में शतक लगाया तब उन्होंने इसका जश्न समरसॉल्ट मूव करके मनाया। पंत के समरसॉल्ट सेलीब्रेशन को देखकर सभी खुश थे और ये उनका अपना अलग अंदाज है, लेकिन इस पर कई सवाल भी उठे।

पंत के लिए क्या खतरनाक है समरसॉल्ट मूव

पंत का समरसॉल्ट मूव उनके लिए कितना खतरनाक है इसके बारे में उनका इलाज करने वाले और उनकी रिकवरी पर नजर रखने वाले सर्जन डॉ. दिनशॉ पारदीवाला ने बताया। दिसंबर 2022 में जब पंत भयानक कार दुर्घटना में बुरी तरह से घायल हो गए थे तब डॉ. दिनशॉ पारदीवाला ने ही उनकी सर्जरी की थी और उनकी रिकवरी में उनकी काफी मदद की जिसके बाद वो मैदान पर लौटने में सफल हो पाए थे।

पंत के ठीक होने के बाद कई बार इस तरह से जश्न मनाते हुए देखने के बाद डॉक्टर पादरीवाला ने उनके शरीर पर इससे पड़ने वाले प्रभाव के बारे में अपनी राय दी। द टेलीग्राफ को दिए इंटरव्यू में डॉक्टर पादरीवाला ने बताया कि पंत एक ट्रेंड जिमनास्ट हैं जो काफी फुर्तीले और लचीले हैं। उन्होंने कहा कि इस मूव के लिए उन्होंने अच्छी तरह से प्रैक्टिस की है जो बिल्कुल सही है, लेकिन ये जरूरी नहीं था।

पादरीवाला ने कहा कि पंत ने एक जिमनास्ट के तौर पर ट्रेनिंग ली है और भले ही वो बड़े दिखते हों, लेकिन वो काफी फुर्तीले हैं साथ ही उनका शरीर काफी लचीला भी है और यही वजह से है कि वो कलाबाजी कर रहे हैं। उन्होंने इस मूव के लिए काफी अच्छी तरह से अभ्यास किया है और उनका ये मूव बिल्कुल सही है, लेकिन ये आवश्यक नहीं है। पादरीवाला ने कहा कि वो बहुत भाग्यशाली हैं कि जीवित हैं। इस तरह की दुर्घटना में इंसान के बचने की संभावना ना के बराबर होती है।

इससे पहले, सोनी स्पोर्ट्स पर एक इंटरव्यू में पंत ने अपने नए जश्न के पीछे के तर्क को समझाया था। बाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने खुलासा किया कि उन्होंने स्कूल के दौरान जिमनास्टिक का प्रशिक्षण लिया था और वह बचपन से ही कलाबाजियां करते आ रहे हैं। पंत ने खुलासा किया कि मेरे दिमाग में तीन जश्न मनाने के तरीके थे। एक था बल्ले से बात करने दो, लेकिन फिर मैंने सोचा कि चलो मैं अपने खुद के अंदाज में आगे बढ़ता हूं।





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