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निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद का श्री हेमकुंड साहिब यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा है। विवाद के बाद भी श्रद्धालुओं की आस्था पहले की तरह बरकरार है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु लगातार पवित्र धाम पहुंच रहे हैं। 19 जून से 26 जून के बीच सिर्फ 8 दिनों में 36 हजार 237 श्रद्धालुओं ने श्री हेमकुंड साहिब में मत्था टेका। वहीं, 23 मई को कपाट खुलने के बाद से अब तक 1 लाख 46 हजार 768 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो यात्रा के शुरुआती एक महीने में ही रिकॉर्ड आंकड़ा है। प्रशासन का कहना है कि यात्रा पूरी तरह सामान्य रूप से संचालित हो रही है। सुरक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सभी व्यवस्थाएं सुचारु हैं और श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। विवाद से जुड़े PHOTOS… पहले विवाद के बारे में जानिए… वाहन पार्किंग को लेकर हुई कहासुनी
16 जून को हेमकुंड साहिब से लौट रहे निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों/होटल कर्मचारियों के बीच वाहन पार्किंग को लेकर हुई कहासुनी से हुई थी। यह बहस जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई, जिसमें निहंगों पर तलवारों से हमला करने का आरोप लगा और चार स्थानीय लोग घायल हो गए। मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार निहंग श्रद्धालुओं को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सिख संगठनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है और निष्पक्ष जांच की मांग की। रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में हंगामा
कर्णप्रयाग की घटना से नाराज होकर 20 जून को रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में ठहरे 7 निहंगों ने वहां हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने गुरुद्वारे के सेवादार और एक बाबा से मारपीट की और वहां ठहरे एक अन्य यात्री को कथित रूप से बंधक बना लिया। निहंगों की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि कर्णप्रयाग मामले में स्थानीय लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई और स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन ने इस पर कोई आपत्ति या औपचारिक शिकायत दर्ज क्यों नहीं कराई। विवाद बढ़ने पर निहंग अपने पारंपरिक शस्त्रों (भाले और पत्थर) के साथ गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए और खुद को अंदर बंद कर लिया। उन्होंने छत से कुछ पत्थर नीचे भी फेंके, जिससे आसपास के बाजार में दहशत फैल गई। 8 दिनों के आंकड़ें श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए दिया जा रहा विशेष ध्यान
श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या को देखते हुए प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और गुरुद्वारा प्रबंधन ने यात्रा व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाओं, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। पिछले वर्षों के टूटे रिकॉर्ड
समुद्र तल से करीब 15,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्री हेमकुंड साहिब सिख समुदाय की सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में शामिल है। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचकर गुरु गोबिंद सिंह जी की तपस्थली में मत्था टेकते हैं। इस वर्ष यात्रा के शुरुआती एक महीने में ही रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से साफ है कि श्री हेमकुंड साहिब के प्रति आस्था लगातार बढ़ रही है। वही इस वर्ष की यात्रा इसी तरह श्रद्धालुओं का सिलसिला जारी रहा तो वर्ष 2026 की श्री हेमकुंड साहिब यात्रा पिछले सभी वर्षों के आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित कर सकती है। यात्रा अभी जारी है और आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।
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