मुंबई43 मिनट पहले
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आज के लीडर्स तेज प्रगति, बड़ा प्रभाव और अपने प्रदर्शन तथा पुरस्कार के बीच स्पष्ट तालमेल देखना चाहते हैं।- प्रतीकात्मक फोटो
देश में कॉरपोरेट जगत के 94% सीनियर एग्जीक्यूटिव्स नई नौकरी तलाशने और करिअर में बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
दरअसल, भारत में सीनियर लीडरशिप का परिदृश्य बहुत तेजी से बदल रहा है। एग्जीक्यूटिव्स अब अपने करिअर में तेज प्रगति, बड़ी जिम्मेदारियां और अपनी छाप छोड़ने के अवसर चाहते हैं। दूसरी ओर, कंपनियों पर भी इन शीर्ष अधिकारियों को अपने साथ जोड़े रखने का भारी दबाव बना हुआ है। यह अहम खुलासा एग्जीक्यूटिव सर्च कंपनी पेज एग्जीक्यूटिव इंडिया की ‘एग्जीक्यूटिव कम्पनसेशन एंड टैलेंट ट्रेंड्स रिपोर्ट’ में हुआ है। देश के 1,200 से अधिक सी-लेवल अधिकारियों और शीर्ष लीडर्स पर किए गए इस अध्ययन के मुताबिक, 63% अफसर तो पूरे जोर-शोर से नई भूमिका ढूंढ रहे हैं। वहीं 41% अफसरों का स्पष्ट मानना है कि वे एक साल से ज्यादा अपने मौजूदा पद पर नहीं टिकेंगे।
पेज एग्जीक्यूटिव इंडिया के मैनेजिंग पार्टनर जॉन गोल्डस्टीन बताते हैं कि भारतीय बाजार में योग्य टैलेंट की कोई कमी नहीं है। असली चुनौती यह है कि कंपनियां किस रफ्तार से इस टैलेंट को विकसित करती और संभालती हैं। आज के लीडर्स तेज प्रगति, बड़ा प्रभाव और अपने प्रदर्शन तथा पुरस्कार के बीच स्पष्ट तालमेल देखना चाहते हैं। दूसरी तरफ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भी अब बड़े पदों के कामकाज का जरूरी हिस्सा बन चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, 72% अफसरों का मानना है कि एआई के इस्तेमाल से उनके काम का स्तर काफी सुधरा है। माइकल पेज इंडिया और सिंगापुर के सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर निलय खंडेलवाल के अनुसार, एआई पर चर्चा अब इसे अपनाने से आगे बढ़कर जवाबदेही पर आ चुकी है। जैसे-जैसे जिम्मेदारियां विकसित हो रही हैं, सबसे बड़ी प्राथमिकता ऐसे टैलेंट को खोजने, विकसित करने और रोके रखने की होगी जो एआई के साथ प्रभावी ढंग से काम कर सके।
हालांकि, अच्छी सैलरी देकर सीनियर लीडरशिप को रोकना अब कंपनियों के लिए आसान नहीं है, क्योंकि अफसर पदोन्नति और आगे बढ़ने के अवसरों को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। इसके साथ ही, देश में अब स्किल्स के आधार पर होने वाली भर्तियों का चलन तेजी से बढ़ रहा है।
सैलरी – 87% अधिकारियों के लिए वेतन ही संतुष्टि का प्रमुख आधार
– सैलरी के मामले में 65% एग्जीक्यूटिव्स अपने मौजूदा पैकेज से संतुष्ट हैं। वहीं 87% अधिकारियों का मानना है कि जॉब सैटिस्फेक्शन के लिए पैसा ही सबसे बड़ा पैमाना है। हालांकि केवल बेहतर सैलरी देकर अफसरों को लंबे समय तक रोकना अब किसी कंपनी के लिए मुमकिन नहीं रह गया है।
– 75% एग्जीक्यूटिव्स अपने रोजमर्रा के कामकाज में एआई का नियमित इस्तेमाल कर रहे हैं। इतने ही अधिकारियों ने इससे अपनी काम करने की क्षमता में भारी बढ़ोतरी दर्ज की है। उन्होंने कहा कि एआई के इस्तेमाल से उनके काम का स्तर काफी सुधरा है।








