6 घंटे पहले
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रविवार, 15 फरवरी को महाशिवरात्रि है। इस दिन व्रत-उपवास के साथ ही शिवलिंग दर्शन, पूजन करने और शिव मंत्रों का जप भी करना चाहिए। शिव जी की पूजा देवी पार्वती के साथ करें। अगर पति-पत्नी एक साथ शिव-पार्वती की पूजा करते हैं, तो वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, घर में सुख-समृद्धि और प्रेम बनाए रखने की कामना से शिव-पार्वती का पूजन किया जाता है। पूजा में शिव-पार्वती मंत्र ऊँ उमा महेश्वराय नमः मंत्र का जप करना चाहिए।
पति-पत्नी को एक साथ करने चाहिए धर्म-कर्म
पति-पत्नी पूजा-पाठ एक साथ करते हैं तो दोनों के बीच आपसी तालमेल बढ़ता है। वैवाहिक जीवन की सफलता के लिए पति-पत्नी को एक साथ पूजा-पाठ, तीर्थ यात्रा और अन्य धार्मिक कर्म करने चाहिए। आपसी तालमेल बना रहता है, तो वाद-विवाद और कलह होने की संभावनाएं खत्म हो जाती हैं और एक-दूसरे के प्रति समर्पण का भाव बना रहता है।
पूजा में करें महामृत्युंजय मंत्र का जप
महाशिवरात्रि पर शिव पूजा करते समय में अपनी मनोकामना के अनुसार मंत्र जप करना चाहिए। इस मंत्र के जप से अनजाना भय और चिंता दूर होती है। महामृत्युंजय मंत्र की वजह से शिव जी की विशेष कृपा मिलती है, जिससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
महामृत्युंजय मंत्र- ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिंपुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।
ऐसे कर सकते हैं शिव-पार्वती की पूजा
- महाशिवरात्रि पर सुबह जल्दी उठें और स्नान के बाद किसी शिव मंदिर जाएं। मंदिर में शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
- जल चढ़ाते समय ऊँ नम: शिवाय, ऊँ महेश्वराय नम:, ऊँ शंकराय नम:, ऊँ रुद्राय नम: आदि मंत्रों का जप कर सकते हैं।
- चंदन, फूल, प्रसाद चढ़ाएं। धूप और दीप जलाएं। शिवजी को बिल्वपत्र, धतूरा, चावल अर्पित करें।
- भगवान को भोग में फल, दूध से बनी मिठाई अर्पित करें। पूजन के बाद धूप, दीप, कर्पूर से आरती करें। शिवजी का ध्यान करते हुए आधी परिक्रमा करें।
- भक्तों को प्रसाद वितरित करें। ये पूजा की सामान्य विधि है। इस विधि से ब्राह्मण की मदद के बिना भी शिव पूजा कर सकते हैं।
- महाशिवरात्रि पर दान-पुण्य जरूर करना चाहिए। इस दिन विवाहित लोगों को शिव-पार्वती की पूजा के बाद सुहाग का सामान जैसे लाल साड़ी, लाल चुनरी, कुमकुम, लाल चूड़ियां, बिंदिया, आभूषण, सिंदूर आदि चीजें दान करें।









