ताजमहल के पश्चिमी गेट पर रविवार को भीड़ के चलते अलग-अलग राज्यों से आए तीन बच्चे अपने परिजन से बिछड़ गए। रोते-बिलखते बच्चों पर नजर पड़ते ही ताज सुरक्षा पुलिस की क्यूआरटी टीम ने तत्परता दिखाई और महज 30 मिनट के भीतर तीनों को ढूंढकर उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।
मामला-1
तेलंगाना के हैदराबाद से मां सुलोचना के साथ आए 9 वर्षीय अब्बावर्तनी वर्धन पश्चिमी प्रवेश द्वार के पास भीड़ में खो गए। रोते हुए बच्चे को देख पर्यटकों ने पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी फुटेज और रेडियो अनाउंसमेंट की मदद से पुलिस ने मात्र 20 मिनट में परिजनों को ढूंढ निकाला।
मामला-2
आगरा के फतेहपुर सीकरी के गांव सरसारेवा से आए बच्चू सिंह का 7 वर्षीय बेटा जतिन कुमार ताज देखकर बाहर निकलते समय बिछड़ गया। उप निरीक्षक शिवराज सिंह ने रोते बच्चे को ढांढस बंधाया और करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद पश्चिमी पार्किंग से उसके पिता को खोजकर बच्चा सौंपा।
मामला-3
बिहार के देवरिया, सलेमपुर से दिलीप कुमार के साथ आया 8 वर्षीय दिव्यांश नीम तिराहा बैरियर के पास भटकता मिला। प्रभारी निरीक्षक तिलकराम भाटी के निर्देशन में पुलिस ने बच्चे से मिले मोबाइल नंबर के जरिए बिहार संपर्क किया और वहां से स्थानीय ग्रुप का नंबर लेकर उनकी मां को खोज निकाला। बच्चे को सुरक्षित पाकर मां की आंखें भर आई और आगरा पुलिस का आभार व्यक्त किया।








