अस्पताल में अविजोत से मिलने पहुंचे साेनू सूद, फाइल फोटो।
पंजाब के अमृतसर में किडनी की गंभीर बीमारी नेफ्रोटिक सिंड्रोम से जूझ रहा 8 साल का मासूम अविजोतसिंह जिंदगी की जंग हार गया। अविजोतको बचाने की कोशिश में खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान और बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद भी शामिल थे।
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अविजोतका परिवार उस समय भी मुश्किलों में था जब पंजाब में भीषण बाढ़ आई थी। उस दौरान सोनू सूद ने उनकी मदद की थी। अब अविजोतकी मौत पर सोनू सूद ने एक भावुक संदेश लिखते हुए कहा,
अभिजोत, तुम्हारी बहुत याद आएगी। अलविदा छोटे फरिश्ते चिंता मत करो, मैं तुम्हारे माता-पिता का ख्याल रखूंगा।


सोनू सूद द्वारा की सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी
क्या हुआ था अविजोतको? अविजोतसिंह एक बेहद गंभीर बीमारी नेफ्रोटिक सिंड्रोम से पीड़ित था, जिसमें उसकी दोनों किडनियां खराब हो चुकी थीं। डॉक्टरों के अनुसार, अगर उसका नियमित इलाज चलता रहता, तो वह 18 साल की उम्र तक सामान्य जीवन जी सकता था।
इलाज के लिए हर दो महीने में अमृतसर से चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर अस्पताल जाना पड़ता था। हर बार के सफर, दवाइयों और जांच का कुल खर्च करीब 45 हजार रुपए आता था, जो उसके परिवार के लिए बहुत मुश्किल था।
बाढ़ से खेतीबड़ी बर्बाद हो गई अविजोतके पिता जसबीर सिंह ने बताया था कि पंजाब में आई बाढ़ ने उनकी हालत और खराब कर दी थी। बाढ़ की वजह से खेतीबाड़ी पूरी तरह से बर्बाद हो गई और घर की आमदनी भी बंद हो गई।
हालत ये हो गई थी कि वे गांव के उस पार जाकर दवाइयां तक नहीं ला पाए। कई बार गांव वालों को तैर कर जरूरी सामान लाना पड़ा। ऐसी कठिन और विपरीत परिस्थितियों में अविजोतका इलाज कराना लगभग नामुमकिन हो गया था।

सीएम भगवंत मान द्वारा दी गई जानकारी।
CM ने कहा था- उनकी टीम कर रही अविजोतका इलाज सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल होने के बाद अभिनेता सोनू सूद और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दोनों ने परिवार की आर्थिक मदद का वादा किया। सोनू सूद खुद पंजाब जाकर अविजोतऔर उसके माता-पिता से मिले।
इससे पूरे गांव में उम्मीद जगी कि अब अविजोतका इलाज सही तरीके से हो सकेगा और वह धीरे-धीरे ठीक होकर सामान्य जीवन जी पाएगा। इसके बाद पंजाब सरकार ने अविजोतको रेस्क्यू किया और पीजीआईएमईआर के डॉक्टर्स की मदद से उसका इलाज चलाया गया।
पूरा इलाज पंजाब सरकार की तरफ से किया जा रहा था। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कहा था कि उनकी टीम अविजोतका इलाज कर रही है और उसे 50 हजार रुपए का चेक भी दिया गया था। लेकिन सारी कोशिशों, दवाइयों और उम्मीदों के बावजूद किस्मत ने अविजोतका साथ नहीं दिया और उसका निधन हो गया।








