अलीगढ़ृ के शाहजमाल ईदगाह में 28 मई सुबह बैरिकेडिंग लगा कर नमाजियों को आने से रोकने पर हंगामा हो गया। अकबरी मस्जिद वाले रास्ते पर पानी की टंकी के पास बैरिकेडिंग लगाकर नमाजियों को रोक दिया गया। पुलिस प्रशासन का तर्क था कि सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने से रोकने के लिए एहतियातन ऐसा किया गया था। वहीं, इसके विरोध में ईदगाह के अंदर मौजूद हजारों लोगों ने नमाज पढ़ने से इन्कार कर दिया और उठकर चलने लगे। इसकी खबर ईदगाह कमेटी से प्रशासन तक पहुंची तो अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में बिगड़ी बात को संभाला गया। इससे नमाज देरी से शुरू हो सकी।
दरअसल, पुलिस प्रशासन ने सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने से रोकने के लिए सुबह ही अकबरी मस्जिद वाले रास्ते पर पानी की टंकी के पास जबरदस्त बैरिकेडिंग कर दी थी। ईदगाह में पहली नमाज का समय सुबह 6.15 बजे तय था, लेकिन नमाजियों को छह बजे ही रोक दिया गया। ईदगाह के दाहिनी ओर बने दो दरवाजों को भी बंद करा दिया गया। जिससे सराय मियां, जंगलगढ़ी, तुर्कमान गेट, एडीए कॉलोनी शाहजमाल और रोरावर के हजारों लोग ईदगाह नहीं पहुंच पाए।
इसकी खबर मिलते ही ईदगाह के अंदर मौजूद लोगों ने नमाज पढ़ने से मना कर दिया। लोगों ने कहा कि अगर रास्ता बंद रहता है तो वह भी नमाज नहीं पढ़ेंगे। हंगामा शुरू हो गया। ईदगाह कमेटी ने इसकी खबर प्रशासनिक अधिकारियों को देकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद अफसरों ने बैरिकेडिंग खोलकर कुछ लोगों को अंदर जाने दिया। सुबह 6.15 बजे होने वाली नमाज 6.35 बजे शुरू हो सकी। शहर मुफ्ती खालिद हमीद भी इससे खासे खफा हुए। वह पहली नमाज होने के बाद ही वहां से घर चले गए। इस व्यवधान के कारण नमाज से पहले का खुतबा जल्द पूरा किया गया। शहर मुफ्ती ने नमाज पढ़वा रहे इमाम कारी सागिल से खुतबे की रस्म अदायगी जल्द पूरी कर नमाज पढ़ाने को कहा, ताकि दूसरी नमाज भी जल्द हो सके। इमाम कारी सागिल ने जल्द नमाज पढ़वाई।








