बजट 2025 से क्या हैं शेयर मार्केट की उम्मीदें, गिरते रुपये को क्या संभाल पाएंगी वित्त मंत्री
Budget 2025 Economic Survey: 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार 8वां बजट पेश करेंगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में इकनॉमिक सर्वे पेश कर दिया है। इसके अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 यानी, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 में जीडीपी ग्रोथ 6.3% से 6.8% रहने का अनुमान है। वहीं 2024-25 के लिए जीएसटी कलेक्शन 11% बढ़कर 10.62 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। साल 2047 तक भारत तभी विकसित भारत बन पाएगा जब तक लगभग एक या दो दशक तक स्थिर महंगाई पर औसतन 8 प्रतिशत की ग्रोथ हो।
वित्त मंत्रालय के विभाग इकोनॉमिक अफेयर्स के तहत एक इकोनॉमिक डिवीजन है। यही इकोनॉमिक डिवीजन चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर यानी CEA की देख-रेख में इकनॉमिक सर्वे तैयार करती है। अभी चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. वी अनंत नागेश्वरन के जिम्मे यह काम है।
8.2% बढ़ा कैपेक्स, 75% रही डिफेंस-रेलवे और रोड ट्रांसपोर्ट की हिस्सेदारी
Budget 2025 Economic Survey: जुलाई से नवंबर 2024 के दौरान सरकार का कैपेक्स 8.2 पर्सेंट बढ़ा है। डिफेंस, रेलवे और रोड ट्रांसपोर्ट की टोटल कैपिटल आउटले में 75 पर्सेंट हिस्सेदारी रही है। यह बात शुक्रवार को रिलीज किए गए इकनॉमिक सर्वे में कही गई है। पावर, फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन जैसे सेक्टर्स में सालाना आधार पर अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। पिछले 5 साल में प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स पर सरकार के कैपिटल एक्सपेंडिचर में 38.8 पर्सेंट की एवरेज ग्रोथ देखने को मिली है।
CEA ने इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट को सराहा
Budget 2025 Economic Survey: चीफ इकनॉमिक एडवायजर (CEA) ने पिछले दशक के दौरान हुए इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट को सराहा है। उन्होंने नई ट्रेनों, एयरपोर्ट्स के साथ पोर्ट इफीशिएंशी में आए सुधार को हाइलाइट किया, जहां हाल के सालों में टर्नअराउंड टाइम 48 घंटे से घटकर 30 घंटे पहुंच गया है। इसके अलावा, उन्होंने पावर सेक्टर में कैपेसिटी एडिशंस, डेटा कॉस्ट में आई गिरावट और टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर में हुए एक्सपैंशन का भी जिक्र किया।
इनवेस्टर्स सेंटीमेंट को कमजोर कर सकता है मार्केट करेक्शन
Budget 2025 Economic Survey: इक्विटी मार्केट्स की तेज गिरावट रिटेल इनवेस्टर्स के सेंटीमेंट को कमजोर कर सकती है और स्पेंडिंग को घटा सकती है। यह बात शुक्रवार को पेश किए गए इकनॉमिक सर्वे में कही गई है। देश के इक्विटी मार्केट में रिटेल इनवेस्टर्स का पार्टिसिपेशन ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है। सर्वे में कहा गया है कि मार्केट करेक्शन रिटेल इनवेस्टर्स के सेंटीमेंट और स्पेंडिंग पर सीधा असर डाल सकती है।
शुरुआती 8 महीनों में 17.9% बढ़ा FDI इनफ्लो
Budget 2025 Economic Survey: वित्त वर्ष 2025 में FDI में रिवाइवल देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2025 के शुरुआती 8 महीनों में FDI इनफ्लो बढ़कर 55.6 बिलियन डॉलर पहुंच गया है। इकनॉमिक सर्वे के मुताबिक, एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले इसमें 17.9 पर्सेंट की ग्रोथ देखने को मिली है। एक साल पहले की समान अवधि में FDI इनफ्लो 47.2 बिलियन डॉलर रहा है।
Budget 2025 Economic Survey: विदेशों में काम करने वाले भारतीयों ने देश में खूब पैसे भेजे
इकनॉमी सर्वे के अनुसार विदेशों में काम करने वाले भारतीयों ने देश में खूब पैसे भेजे। यह प्राइवेट ट्रांसफर का बड़ा हिस्सा बना, जो वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही में 28.1 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 25 की दूसरी तिमाही में 31.9 अरब डॉलर हो गया।
Budget 2025 Economic Survey: ग्रामीण मांग में मजबूती आने की संभावना
Budget 2025 Economic Survey: इकनॉमिक सर्वे बता रहा है कि खेती में सुधार, फूड इन्फ्लेशन यानी खाने-पीने के सामानों की महंगाई में कमी और स्थिर आर्थिक माहौल के कारण ग्रामीण मांग में मजबूती आने की संभावना है। इससे आने वाले समय में विकास की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, इसने यह भी चेतावनी दी कि दुनिया में चल रहे कई देशों के बीच आपसी टेंशन, व्यापार अनिश्चितताएं और पोटेंशियल कमोडिटी प्राइस के झटके इकनॉमिक स्टेबिलिटी के लिए चुनौतियां पैदा कर सकते हैं।
कैसे पूरा होगा विकसित भारत का सपना
Budget 2025 Economic Survey: साल 2047 तक देश तभी विकसित भारत बन पाएगा जब तक लगभग एक या दो दशक तक स्थिर महंगाई पर औसतन 8 प्रतिशत की ग्रोथ हो। सर्वे में यह भी बात सामने आई है कि ग्लोबल IPO लिस्टिंग में भारत की हिस्सेदारी 2024 में बढ़कर 30% हो गई, जो 2023 में 17% थी। पिछले एक दशक में निफ्टी 50 ने 8.8% का सालाना चक्रवृद्धि रिटर्न दिया है। हालांकि, यह यूएस नैस्डैक (15.3%) और डॉऊ जोन्स (9.2%) जैसे इंडेक्स से पीछे है, लेकिन यह चीन के शंघाई कंपोजिट (3.2%) से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
जीडीपी ग्रोथ 6.3% से 6.8% रहने का अनुमान
Budget 2025 Economic Survey: इकनॉमिक सर्वे के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 यानी, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 में जीडीपी ग्रोथ 6.3% से 6.8% रहने का अनुमान है। वहीं 2024-25 के लिए जीएसटी कलेक्शन 11% बढ़कर 10.62 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है।
RBI के अनुमान से काफी कम रही GDP ग्रोथ
Budget 2025 Economic Survey: वित्त वर्ष 2024-25 की जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था वास्तविक रूप से 5.4% बढ़ी। यह RBI के 7% के पूर्वानुमान से काफी कम है। इसी तरह, अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी ग्रोथ भी आरबीआई के अनुमान से धीमी रही।
आर्थिक वृद्धि की स्थिरता को लेकर चिंता
Budget 2025 Economic Survey: जनवरी में भारत की बिजनेस एक्टिविटी पिछले एक साल में सबसे धीमी गति से बढ़ी, जिससे इसकी आर्थिक वृद्धि की स्थिरता को लेकर चिंताएं हैं। एचएसबीसी फ्लैश इंडिया कंपोजिट पीएमआई दिसंबर में 59.2 से गिरकर 57.9 पर आ गया, जो सर्विस सेक्टर में कमजोर वृद्धि का संकेत है।
सबकी निगाहें ग्रोथ और मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर
Budget 2025 Economic Survey: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में इकनॉमिक सर्वे पेश कर दिया है। सबकी निगाहें ग्रोथ और मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर है।
क्यों जरूरी होता है इकनॉमिक सर्वे
इकनॉमिक सर्वे में बीते साल का हिसाब-किताब और आने वाले साल के लिए सुझाव, चुनौतियां और समाधान का जिक्र रहता है। इकनॉमिक सर्वे एक तरह से हमारी अर्थव्यवस्था के लिए दिशा तय करने की तरह काम करता है। इकनॉमिक सर्वे से पता चलता है कि हमारी अर्थव्यवस्था कैसी चल रही है और इसमें सुधार के लिए सरकार को क्या करने की जरूरत है।
सरकार की उपलब्धियां गिना रहीं राष्ट्रपति
Budget 2025 Economic Survey: राष्ट्रपति ने कहा- स्वरोजगार, ई-कॉमर्स, लोन और मुद्रा लोन का लाभ करोड़ों लोगों तक पहुंचाया गया। लोन, क्रेडिट कार्ड, बीमा आसानी से मिल रहा है। रेहड़ी-पटरी वालों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया, स्वनिधि योजना का लाभ उन्हें मिल रहा है।
3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य
Budget 2025 Economic Survey: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया, जिसमें 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने की योजना है।
सरकार के तीसरे कार्यकाल में तीन गुना तेजी से हो रहा काम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बताया कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में तीन गुना तेजी से काम हो रहा है। सरकार ने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ इनिशिएटिव को लागू करने और वक्फ संशोधन विधेयक पारित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की।
6 करोड़ सीनियर सिटिजन को हेल्थ इंश्योरेंस का फायदा
Budget 2025 Economic Survey: राष्ट्रपति मुर्मू ने बजट सेशन को संबोधित करते हुए अपने अभिभाषण में कहा कि मेरी सरकार ने युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर विशेष जोर दिया है। मेरी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के 6 करोड़ सीनियर सिटिजन को हेल्थ इंश्योरेंस का फायदा पहुंचाने का निर्णय लिया है।
Budget 2025 Economic Survey: भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.3-6.8% का अनुमान
पीटीआई सूत्रों के मुताबिक इकनॉमिक सर्वे में अगले वित्त वर्ष के लिए 6.3-6.8% की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुमानों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी 4 साल के निचले स्तर 6.4% से बढ़ने का अनुमान है।
पीएम मोदी ने मां लक्ष्मी से इन लोगों पर कृपा करने की लगाई गुहार
Budget 2025 Economic Survey: बजट सेशन से पहले पीएम मोदी ने माता लक्ष्मी से गरीब और मिडिल क्लास पर कृपा करने के लिए प्रार्थना की। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि 140 करोड़ जनता के सामूहिक संकल्प से 2047 तक देश विकसित हो जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई कि बजट सेशन के दौरान महत्वपूर्ण सुधार पेश किए जाएंगे उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सेशन के दौरान महिला सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। पीएम ने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
Budget 2025 Economic Survey: कौन तैयार करता है इकनॉमिक सर्वे
Budget 2025 Economic Survey: वित्त मंत्रालय के विभाग इकोनॉमिक अफेयर्स के तहत एक इकोनॉमिक डिवीजन है। यही इकोनॉमिक डिवीजन चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर यानी CEA की देख-रेख में इकनॉमिक सर्वे तैयार करती है। अभी चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. वी अनंत नागेश्वरन के जिम्मे यह काम है।
पहला इकनॉमिक सर्वे कब पेश हुआ था
Budget 2025 Economic Survey: भारत का पहला इकनॉमिक सर्वे 1950-51 में केंद्रीय बजट के एक पार्ट के रूप में पेश किया गया था। हालांकि, 1964 के बाद से, सर्वे को केंद्रीय बजट से अलग कर दिया गया। उसी समय समय से बजट पेश करने से ठीक एक दिन पहले इकोनॉमिक सर्वे जारी किया जाता है।
वित्त मंत्री आज पेश करेंगी आर्थिक सर्वे का रिपोर्ट कार्ड
Budget 2025 Economic Survey: इकोनॉमिक सर्वे 2025 को निर्मला सीतारमण द्वारा 2025 के बजट से पहले शुक्रवार, 31 जनवरी को जारी किया जाएगा। आर्थिक सर्वेक्षण मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) के मार्गदर्शन में आर्थिक मामलों के विभाग के आर्थिक प्रभाग द्वारा तैयार किया जाता है। भारत के वर्तमान सीईए वी अनंत नागेश्वरन हैं। आर्थिक सर्वे यह एक तरह से रिपोर्ट कार्ड होगा, जिसके जरिए सरकार देश की वित्तीय स्थिति से लेकर रोजगार, महंगाई, योजनागत खर्च और आर्थिक विकास से जुड़े आंकड़ों को भी पेश कर सकती है।
रुफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए बने क्रेडिट गारंटी फंड
Budget 2025 Expectations: बजट 2025 में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना को क्लाइमेट फ्रेंडली बनाने के उपाय करने चाहिए। साथ ही क्लीन रेफ्रिजरेशन उपकरणों को सस्ता और सुलभ बनाना होगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इरेडा के बजट में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इसे सोलर रूफटॉप, बैटरी स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों के लिए और बढ़ाने की जरूरत है। अंबर के ऊर्जा विशेषज्ञ दत्तात्रेय दास ने कहा कि एनर्जी इफिशिएंट टेक्नोलॉजी और रुफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए क्रेडिट गारंटी फंड बनाया जाना चाहिए।
ईको फ्रेंडली इन्वेस्टमेंट के लिए बजट को ग्रीन टेक्सोनॉमी से जोड़ा जाए
Budget 2025 Expectations:पिछले बजट में ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन स्टील और क्लीन ट्रांसपोर्ट जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया था। एक्सपर्ट्स को इस बजट से उम्मीद है कि सरकारी और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को उन सेक्टर्स और स्कीम्स की ओर बढ़ाया जाए जो एनर्जी कन्वर्जन टार्गेट्स में शामिल हैं। जलवायु विशेषज्ञों ने कहा है कि नेट जीरो के लक्ष्य हासिल करने के लिए बजट को ग्रीन टेक्सोनॉमी से जोड़ा जाए ताकि ईको फ्रेंडली इन्वेस्टमेंट बढ़े।
क्या इनकम टैक्स स्लैब में होगा बदलाव
Budget 2025 Expectations: चार्टर्ड अकाउंटेंट संतोष मिश्रा ने कहा, ‘मुझे लगता है कि टैक्स स्लैब में बदलाव होगा। टैक्स रिटर्न के समय पर रिफंड का प्रावधान होना चाहिए। वही, सीए अभिनंदन पांडेय ने कहा कि बजट को डायरेक्ट टैक्स जैसे इनकम टैक्स में बड़े रिफॉर्म्स लाकर अर्थव्यवस्था की सुस्त चाल को तेज करना चाहिए। प्राइम लेंडिंग रेट्स को कम करके कैपिटल कॉस्ट को कम करना होगा।
किसानों की मांग-एग्री लोन पर कम हो ब्याज
Budget 2025 Expectations: किसानों की मांग है कि एग्री लोन पर ब्याज दरों को कम से कम 1 प्रतिशत तक कम किया जाए। वहीं, किसान संगठन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत छोटे किसानों के लिए जीरो-प्रीमियम फसल बीमा की भी मांग कर रहे हैं।
Budget 2025 Expectations: गिरते रुपये को क्या संभाल पाएंगी वित्त मंत्री
केडिया कमोडिटिज के प्रेसीडेंट अजय केडिया कहते हैं, “गिरते रुपये को संभालने और ट्रेड बैलेंस के लिए, मैं सोने के आयात पर हाई कस्टम ड्यूटी, बीमा में FDI सीमा में 100% की वृद्धि और एफडीआई को आकर्षित करने के लिए सरकारी उद्यमों के लिए अधिक विदेशी फंडिंग अवसरों की आशा करता हूं। इसके अलावा बजट 2025 में एलटीसीजी छूट सीमा को बढ़ाकर ₹1.75-2 लाख करना चाहिए। मार्केट को सपोर्ट करने वाला बजट निवेशकों का विश्वास मजबूत करेगा और शेयर बाजार के परफार्मेंस को बढ़ावा देगा।








