Economic Survey 2026: वित्त मंत्री ने पेश किया इकनॉमिक सर्वे, 6.8-7.2% रह सकती है GDP ग्रोथ
बजट और सेक्टर

Economic Survey 2026: वित्त मंत्री ने पेश किया इकनॉमिक सर्वे, 6.8-7.2% रह सकती है GDP ग्रोथ

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Economic Survey 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में आर्थिक सर्वे पेश किया। इकनॉमिक सर्वे 2025-26 के अनुसार, मजबूत आर्थिक बुनियाद और नियामक सुधारों की बदौलत भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2027 में 6.8% से 7.2% के बीच वृद्धि करने की उम्मीद है। यह समीक्षा वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन और उनकी टीम ने तैयार की है।

वित्त मंत्री ने सदन में प्रश्नकाल समाप्त होते ही सदन में आर्थिक समीक्षा प्रस्तुत की। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आवश्यक कागजात प्रस्तुत कराए। उन्होंने पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल देशों की संसद के पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का भी उल्लेख किया। इसके बाद कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। सीतारमण रविवार, एक फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश करेंगी।

इकनॉमिक सर्वे की खास बातें

क्या-क्या किए गए सुधार

इस वित्तीय वर्ष में आयकर और जीएसटी में राहत, अप्रैल से लागू होने वाला नया आसान डायरेक्ट टैक्स कानून, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश और दिवालिया ढांचे में बदलाव जैसे सुधार कार्य किए गए हैं।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रणनीति

समीक्षा में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक रोडमैप पेश किया गया है। वैश्विक व्यापार दबावों से मजबूत बाहर आने के लिए विविधीकरण, उत्पाद गुणवत्ता में सुधार, गहरे आर्थिक साझेदारी और सेमीकंडक्टर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता विकसित करने पर जोर दिया गया है।

विकास दर के अनुमान

वित्त वर्ष 2026 के लिए विकास दर का अनुमान पहले जारी 7.4% से थोड़ा रूढ़िवादी है। आईएमएफ ने चालू वित्त वर्ष के लिए 7.3% और वित्त वर्ष 2027 के लिए 6.4% वृद्धि का अनुमान लगाया है। विश्व बैंक ने क्रमशः 7.2% और 6.5% का अनुमान लगाया है।

मुद्रास्फीति की स्थिति

रिजर्व बैंक ने खाने-पीने की चीजों की कीमतों में कमी के चलते वार्षिक मुद्रास्फीति 2% रहने का अनुमान लगाया है, जो कि 4% के लक्ष्य से कम है। दिसंबर तिमाही के लिए यह 0.6% और मार्च तिमाही के लिए 2.9% रहने का अनुमान है।

निजी क्षेत्र से अपेक्षाएं

समीक्षा में प्राइवेट सेक्टर से निवेश बढ़ाने और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया है, खासकर तब जब प्रौद्योगिकी और AI श्रम बाजार को प्रभावित कर रही है। आईएमएफ ने भी एआई को लेकर उत्पादकता की अत्यधिक अपेक्षाओं के कारण एक संभावित ‘एआई बबल’ की चेतावनी दी है।

बुनियादी ढांचे पर जोर

2047 तक विकसित राष्ट्र बननेके लक्ष्य में सार्वजनिक व्यय पर निर्भरता कम करते हुए, बुनियादी ढांचे के निर्माण में निजी भागीदारी बढ़ाने और इस क्षेत्र के निवेश व संपत्तियों के बारे में अधिक डेटा जुटाने की जरूरत बताई गई है। केंद्र सरकार का पूंजीगत व्यय वित्त वर्ष 2022 के 5.93 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 के बजट अनुमानों में 11.21 लाख करोड़ रुपये हो गया है।



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