Fact Check: अमित शाह का सीजफायर पर पुराना बयान पीओके से जोड़कर भ्रामक दावे के साथ वायरल
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Fact Check: अमित शाह का सीजफायर पर पुराना बयान पीओके से जोड़कर भ्रामक दावे के साथ वायरल

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भारत-पाकिस्तान के बीच 4 दिन तक चले सैन्य टकराव के बाद 10 मई को सीजफायर हो गया। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों का सिलसिला जारी है। इसी बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में बोला है, अगर सीजफायर तीन दिन बाद होता तो पीओके भारत का हिस्सा होता। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस वीडियो की सच्चाई को खंगाला। पड़ताल में पता चला कि अमित शाह का यह वीडियो 2023 का है। हाल में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बारे में अमित शाह द्वारा यह बयान नहीं दिया गया है। 

क्या है दावा? 

संसद टीवी की एक वीडियो क्लिप को शेयर किया जा रहा है, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह संसद में बोल रहे हैं, “सबसे बड़ी गलती, जब हमारी सेना जीत रही थी, सीजफायर कर दिया गया और पीओके का जन्म हुआ। अगर सीजफायर तीन दिन लेट होता तो पीओके भारत का हिस्सा होता।” 

 

रेडज़ोनरिपोर्ट (@redzonereport_) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा, “सीजफायर अगर तीन दिन लेट होता तो आज पीओके भारत का हिस्सा होता, संसद में गृह मंत्री अमित शाह जी।” यह पोस्ट 12 मई को किया गया है। पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 ऐसे ही कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।  

पड़ताल

अमर उजाला ने वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो को ध्यान से देखा। यहां हमें वीडियो पर संसद टीवी का लोगो दिखा। इसी के साथ हमें वीडियो पर 06-12-23 तारीख लिखी हुई दिखी। इसी के साथ समय लिखा 3:48 समय लिखा हुआ था। यहां से हमें यह संकेत मिला कि वीडियो 2023 का है। 

इसके बाद हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो एएनआई पर देखने को मिला। इस वीडियो को पोस्ट करके कैप्शन लिखा गया था “केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “(पूर्व पीएम) पंडित जवाहरलाल नेहरू के फैसले के कारण दो गलतियां हुईं, जिसके कारण कश्मीर को कई वर्षों तक कष्ट झेलना पड़ा। पहली है युद्ध विराम की घोषणा करना – जब हमारी सेना जीत रही थी, तब युद्ध विराम लागू किया गया। अगर तीन दिन बाद युद्ध विराम हो जाता, तो आज पीओके भारत का हिस्सा होता… दूसरी है अपने आंतरिक मुद्दे को यूएन में ले जाना।”

 

इस खबर के बारे में और अधिक जानने के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां से हमें पता चला कि यह भाषण संसद में 6 दिसंबर 2023 को दिया गया था। खबर के अनुसार अमित शाह ने देश के पहले प्रधानमंत्री पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर ने जवाहर लाल नेहरू की दो गलतियों की वजह से समस्याओं को झेला है। इनमें पहली संघर्ष विराम की घोषणा और फिर कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में ले जाना शामिल था। यदि जवाहरलाल नेहरू ने सही कदम उठाए होते, तो पीओके हमारा हिस्सा होता। 

 

पड़ताल का नतीजा

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि अमित शाह के पुराने वीडियो को गलत  संदर्भ में पेश किया जा रहा है। वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 



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