सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति को पिटते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो बिहार का है, जहां लोग एक एआईएमआईएम के विधायक को पार्टी बदलने के बाद से फिर से वोट मांगने के कारण पीट रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो बिहार का नहीं है। बल्कि यह वीडियो असम का है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बिहार में एक सरपंच ने एआईएमआईएम के विधायक को पार्टी छोड़ने के कारण से पीटा है।
आयशा मजीद खान (@Ayesha786Majid) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “एआईएमआईएम के हर भगोड़े विधायक के साथ यही होना चाहिए, वोट मांगने के सरपंच जी की जमकर कुटाई कर दी बिहार के लोगों ने, एक बात साफ़ हो गई कि लोगों के दिलों में इन भगोड़ों के खिलाफ गुस्सा है !” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें नॉर्थईस्ट लाइव की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 4 अगस्त 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि असम में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट की घटना सामने आई है। यह घटना ग्राम सभा की बैठक के दौरान हुई, जहां योजना के बंदोबस्त के दौरान दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई और ग्राम पंचायत कार्यालय में तोड़फोड़ की गई।
इसके बाद हमें इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 4 अगस्त 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है असम के डोबोका में जमुना गांव पंचायत में आयोजित एक ग्राम-स्तरीय बैठक एक निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि के रिश्तेदारों और स्थानीय निवासियों के एक समूह के बीच तीखी बहस के बाद हिंसक हो गई। यह झड़प कथित तौर पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के पिछले आरोपों से जुड़े विवादों के कारण हुई थी।
इसके बाद हमें इंडिया टीवी की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 8 अगस्त 2025 को प्रकाशित की गई है। इस रिपोर्ट मे बताया गया है कि 2020 में एआईएमआईएम ने पांच सीट पर जीत दर्ज की, जिनमें से चार विधायक जीतने के बाद राजद से जुड़ गए। इसके बाद कोचाधामन के विधायक इजहार अस्फी को ग्रामीणों और मतदाताओं के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा है।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को भ्रामक पाया है। वायरल वीडियो असम का है, जिसे बिहार का बताकर शेयर किया जा रहा है।








