सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर किया जा रहा है, वीडियो में दिख रहा है कि किसी ऑयल प्लांट से धुआं निकलता हुआ नजर आ रहा है। इसी के साथ एक वहां एक आदमी भी खड़ा हुआ नजर आ रहा है। फोटो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो ईरान में एक तेल रिफाइनरी का है जहां एक और विस्फोट हुआ है। कहां जा रहा है कि यह विस्फोट संभवतः इजरायली हवाई हमलों के कारण हुआ है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि यह घटना पुरानी है। जांच में पता चला कि वीडियो नवंबर 2020 से इंटरनेट पर मौजूद है। इसका इजरायल और ईरान के बीच चल रहे हालिया तनाव से कोई संबंध नहीं है।
आपको बता दें कि शुक्रवार को ईरान पर इस्राइल ने एयर स्ट्राइक की। इस एयर स्ट्राइक में ईरान के 20 टॉप कमांडर मारे गए हैं। इनमें आर्मी और एयरफोर्स चीफ भी शामिल हैं। इस्राइल ने शुक्रवार सुबह 200 फाइटर जेट्स से 6 ठिकानों पर हमला किया। इन हमलों में ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में ईरान ने दोपहर में इस्राइल पर जवाबी हमले किए। ईरान ने 100 से ज्यादा ड्रोन दागे। इस्राइली सेना यानी IDF का दावा है कि उसने सभी ड्रोन मार गिराए। अभी तक एक भी ड्रोन इस्राइल की सीमा में नहीं पहुंच सका। ये पहला मौका नहीं है जब इस्राइल ने ईरान की सुरक्षा में सेंध लगाई है। इससे पहले जुलाई 2024 में हमास की राजनीतिक शाखा के प्रमुख इस्माइल हानिया की ईरान की राजधानी तेहरान में हत्या कर दी गई थी।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ईरान की एक तेल रिफाइनरी को इस्राइल ने हवाई हमले में तबाह कर दिया है।
सुलेमान अहमद (@ShaykhSulaiman) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “ईरान में एक तेल रिफाइनरी में एक और विस्फोट” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो को कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें एक मीडिया रिपोर्ट में यह फोटो देखने को मिली। इस रिपोर्ट को 14 नवंबर, 2020 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट में पता चला कि ईरान के इलम पेट्रोकेमिकल प्लांट में आग पर नियंत्रण ईरानी प्रसारण एजेंसी के आर्थिक समूह के अनुसार, जाफ़र रबीई ने कहा कि इस घटना में कोई भौतिक या मानवीय क्षति नहीं हुई है और कहा: “यह घटना एक ईंधन गड्ढे में हुई थी और इस पेट्रोकेमिकल के टैंक या सुविधाओं में आग लगने की खबर सच नहीं है।” यहां से यह पता चला कि यह फोटो इंटरनेट पर 2020 से मौजूद है।
आगे हमने इस खबर के बारे में जांचने के लिए कीवर्ड को सर्च किया। यहां हमें कई और मीडिया रिपोर्ट मिली जहां पर यह वीडियो नवंबर 2020 में शेयर किया गया था। इन सभी रिपोर्ट में बताया गया था कि घटना इलम पेट्रोकेमिकल कंपनी के एक हिस्से में आग लगने की थी। रिपोर्टस का लिंक आप यहां, यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है वीडियो 2020 में ईरान के इलम पेट्रोकेमिकल प्लांट में आग लगने का है। इसका हाल ही में ईरान और इस्राइल के बीच तनाव से कोई संबंध नहीं है।








