सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ बच्चे नदी पार करके स्कूल जाते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह उत्तर प्रदेश का है। जहां बच्चे नदी पार करके स्कूल जा रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो उत्तराखंड का है। जिसे यूपी का बताकर शेयर किया जा रहा है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में बच्चे नदी पार करके स्कूल जा रहे हैं।
विनय रतन सिंह नाम के इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा, ‘जनपद रामपुर की तहसील स्वार के रुस्तम नगर में स्कूली बच्चों का गोगा नदी पार कर स्कूल जाने का यह दृश्य भाजपा सरकार के विकास के दावों की जमीनी हकीकत उजागर करता है। रामपुर में घूघा और पीलाखार नदी पर पुल न होने के कारण ग्रामीण आज भी लकड़ी और अन्य साधनों से बनाए गए अस्थायी पुलों के सहारे जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं। बारिश के मौसम में ये अस्थायी पुल बह जाते हैं और कई गांवों का संपर्क टूट जाता है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई, किसानों की खेती, ग्रामीणों के आवागमन और स्थानीय कारोबार पर पड़ता है। सवाल है जब जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी अपनी जान जोखिम में डालनी पड़े, तो यह कैसा विकास? विकास के नाम पर भाजपा ने सिर्फ अपने इंजनों की संख्या बढ़ाई है। इंजन भरपूर, जनता मजबूर!’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य पोस्ट के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। वहीं, आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें पहाड़ संदेश 24×7 न्यूज नाम के फेसबुक अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 16 जुलाई 2026 को साझा किया गया है। यहां बताया गया है कि जनपद टिहरी में बच्चों का जोखिम भरा सफर, सौंग नदी पार कर पहुंचते हैं स्कूल।

आगे की पड़ताल में All About Uttarakhand News नाम के फेसबूक अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 16 जुलाई 2026 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि एक और वीडियो, इस बार उत्तराखंड के टिहरी जिले के लोअर सकलाना से। बच्चे हर दिन उफनती नदी पार करते हैं क्योंकि वहां कोई पुल नहीं है। खेलने के लिए नहीं, न ही रोमांच के लिए; बस स्कूल पहुंचने के लिए।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल वायरल वीडियो को उत्तराखंड का पाया है।







