Fact Check: एक महीने पुराने निहंग सिखों के प्रदर्शन के वीडियो को जंतर-मंतर मार्च से जोड़कर किया जा रहा शेयर
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Fact Check: एक महीने पुराने निहंग सिखों के प्रदर्शन के वीडियो को जंतर-मंतर मार्च से जोड़कर किया जा रहा शेयर

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते तीन हफ्ते से प्रदर्शन के लिए जुटे युवा प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को संसद के लिए मार्च निकाला। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने मार्च की इजाजत न लेने का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की और उन पर लाठीचार्ज किया। हालांकि, इसके बाद भी जब वे नहीं रुके तो पुलिस ने आंसू गैसे के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक सिख पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो में सीजेपी प्रदर्शन के दौरान का है। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को भ्रामक पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो करीब एक महीना पुराना उत्तराखंड का है। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि एक सिख जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेडिंग हटा रहा था। 

मिस्टर इंडिया नाम के यूट्यूब चैनल ने वीडियो शेयर कर लिखा, ‘चलो दिल्ली जंतर मंतर’। पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं। 

इसके साथ ही वी़डियो के ऊपर लिखा है कि दिल्ली जंतर मंतर पर आए सरदार पुलिस डर का माहौल मे




इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।


पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें देवभूमि दर्शन नाम के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो देखने को  मिला। यहां आप वायरल वीडियो के क्लिप 52 सकेंड पर देख सकते हैं। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि उत्तराखंड में हुआ बड़ा महासंग्राम वीडियो हो रहा तेजी से वायरल।

 

 

 

इसके बाद हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 26 जून 2026 को प्रकाशित की गई है । यहां हमेंं वायरल वीडियो के एक कीफ्रेम देखने को मिली।  रिपोर्ट में बताया गया है कि : निहंग सिक्खों ने उत्तराखंड की ओर कूच का आह्वान किया था। इसके बाद देहरादून जिले में विशेष सतर्कता बरती गई। कुल्हाल सीमा पर वाहनों की जांच, बैरिकेडिंग और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के बीच निहंग शहर तक कैसे पहुंच गए, यह बड़ा सवाल बन गया है।

 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एक महीना पुराना पाया है। इस वीडियो का सीजेपी के प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। 



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