Fact Check: झूठा है ऑपरेशन सिंदूर में तीन राफेल समेत चार भारतीय पायलटों के बलिदान का दावा, पड़ताल में पढ़ें सच
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Fact Check: झूठा है ऑपरेशन सिंदूर में तीन राफेल समेत चार भारतीय पायलटों के बलिदान का दावा, पड़ताल में पढ़ें सच

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एक बार फिर से ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। यह चर्चा पाकिस्तानी सोशल मीडिया की ओर से फैलाए जाने वाले झूठ के कारण हो रही है। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया जा रहा है। पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत ने मान लिया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने भारत के तीन राफेल पायलट समेट चार पायलट को मारा दिया है।

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है हमने पाया कि भारत की ओर से ऐसा कोई भी बयान जारी नहीं किया गया है, जिसमें बताया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के चार पायलट मारे गए। इसके साथ ही हमें यह भी पता चला कि चीन ने राफेल जेट की बिक्री को प्रभावित करने के लिए भारत के राफेल गिराने का अफवाह फैलाई है। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल के तीन पायलट समेत चार पायलट को मार दिया है।

डेली सीपीईसी (@TheDailyCPEC) नाम के एक्स यूजर ने लिखा ब्रेकिंग: “भारत ने आधिकारिक तौर पर 3 राफेल विमानों के पायलटों समेत 4 पायलटों के मारे जाने की बात स्वीकार की है।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

हमने दावे की पड़ताल करने के लिए प्रेस सूचना ब्यूरो पर सर्च किया। इस दौरान हमें भारत की ओर से जारी ऐसा कोई भी बयान नहीं मिला। 

इसके बाद हमें फाइटर जेट की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 25 जून 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पेरिस एयर शो से कुछ दिन पहले 15 जून को, डसॉल्ट एविएशन के चेयरमैन और सीईओ एरिक ट्रैपियर ने पाकिस्तानी सेना की ओर से लगाए गए आरोपों के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। रावलपिंडी  की ओर से दो सप्ताह पहले एक बयान जारी किया गया है। बयान के अनुसार, पिछले महीने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए तनाव के दौरान कथित तौर पर तीन भारतीय डसॉल्ट राफेल को मार गिराया गया था। हालांकि इस दावे को नई दिल्ली और फिर खुद डसॉल्ट ने तुरंत खंडन किया।

आगे की पड़ताल में हमें द हिंदू की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 7 जुलाई 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि फ्रांसीसी सैन्य और खुफिया अधिकारियों ने बताया है कि चीन ने मई में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के बाद फ्रांस निर्मित राफेल जेट विमानों के प्रदर्शन के बारे में संदेह फैलाने की कोशिश की है। चीन ने यह अफवाह फैलाने के लिए अपने दूतावासों को तैनात किया था, जिससे यह पता चलता है कि बीजिंग फ्रांस के प्रमुख लड़ाकू विमान की प्रतिष्ठा और बिक्री को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।

 

इसके बाद हमें एक्स पर प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) फैक्ट चेक की एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 7 जुलाई 2025 को प्रकाशित किया गया है। पीआईबी ने वायरल दावे का पड़ताल कर वायरल दावे को झूठा बताया है। 

पड़ताल का नतीजा

यहां से साफ होता है कि वायरल दावा गलत है। पाकिस्तना ने भारत के राफेल और उसके पायलट के मारे जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वायरल दावे को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।



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