सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रही है , इस फोटो में दो लोकोमोटिव इंजन देखे जा सकते हैं जिन पर भगवान राम की तस्वीर बनी हुई है। दावा किया जा रहा है कि इनमें से एक इंजन वंदे भारत ट्रेन का है। इसी के साथ लोग इसे नया भारत, मजबूत भारत सांस्कृतिक विरासत को सहेजता भारत की तस्वीर भी बता रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि उस फोटो को एआई के माध्यम से बनाया गया है। इस फोटो को असली बताकर केवल भ्रम फैलाया जा रहा है। फोटो को सर्च करने पर हमें एक इंस्टाग्राम अकाउंट मिला। इसमें कैप्शन में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि ये फोटो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके बनाई गई है।
क्या है दावा
इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया गया है कि यह नए भारत की तस्वीर है। वंदे भारत ट्रेन पर भगवान राम के पोस्टर लगाने को मजबूत भारत की सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखने का दावा किया जा रहा है।
स्वपन मिस्त्री नाम के एक फेसबुक यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करके लिखा “नया भारत, मजबूत भारत सांस्कृतिक विरासत को सहेजता भारत वंदे भारत ट्रेन पर लिखा गया “श्री राम”। पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां क्लिक करके देख सकते हैं।
पड़ताल
तस्वीर को ध्यान से देखने पर हमें @the_rail_pilot का वॉटरमार्क दिखाई दिया। इसके बाद हमने गूगल पर इसी कीवर्ड को सर्च किया। यहां हमें इस नाम का एक इंस्टाग्राम अकाउंट मिला, जिस पर 26 मई 2025 को ट्रेन की यही फोटो पोस्ट की गई थी। उस पोस्ट के कैप्शन में स्पष्ट किया गया था कि ये फोटो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके बनाई गई थीं। इस अकाउंट पर कई ट्रेनों की ऐसी और तस्वीरें मौजूद थीं, जिस पर पोस्टर एआई की मदद से बनाए गए थे।
आगे हमने हाइव मॉडरेशन पर इस फोटो को सर्च करने की कोशिश की। हाइव एक टूल है जिसके जरिए आप एआई से बनी तस्वीरों का पता लगा सकते हैं। हमने जब हाइव पर इस तस्वीर को सर्च किया तो पता वहां से इसके 78.5% एआई से बने होने का पता चला।
मार्च 2024 में रिपब्लिक टीवी की रिपोर्ट के अनुसार , भारतीय रेलवे ने न्यू गुवाहाटी शेड के एक लोकोमोटिव पर भगवान श्री राम का चित्र बनाया। लेकिन हाल ही में वायरल हो रही तस्वीर उससे बिल्कुल मेंल नहीं खाती है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है फोटो को एआई के माध्यम से बनाया गया है। इसे सच बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।








