सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में एक आदमी एक महिला को बेरहमी से पीटते नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वीडियो में नजर आ रहा है व्यक्ति हिंदू है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि एक हिंदू व्यक्ति अपनी पत्नी को पीट रहा है।
अमजदअएसआर (@AsrAmjad) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “हिंदू धर्म में महिलाओं को देवी कहा जाता है और उन्हीं देवियों के साथ अत्याचार भी यही लोग करते है! ये वही लोग है जो कहते हैं कि हिजाब में लडकियों की आजादी छीन ली जाती है!!” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें न्यूज18 की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 7 अगस्त 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में एक महिला के साथ उसके पति ने बेरहमी से मारपीट की है। घटना कैमरे में कैद हो गई। कैमरे में आजम अली नाम का यह व्यक्ति अपनी पत्नी की पिटाई करता हुआ दिखाई दे रहा है।
इसके बाद हमें फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 7 अगस्त 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जम्मू-कश्मीर के उधमपुर से दहेज हिंसा का एक मामला सामने आया है। एक महिला को उसके पति ने बुरी तरह पीटा, क्योंकि उसने कथित तौर पर 10 लाख रुपये नकद और कार की मांग पूरी करने से इनकार कर दिया था। आरोपी की पहचान आजम अली के रूप में हुई है, जो एक सैनिक है। वीडियो में आदमी अपनी पत्नी रवीन बेगम पर बेरहमी से हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है।
आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 7 अगस्त 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है “उधमपुर के रेहंबल पुलिस थाने के अंतर्गत मलहाड़ इलाके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें पति पत्नी को बेरहमी से पीट रहा है। पड़ोसी ने वीडियो बनाकर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पर महिला को रेस्क्यू किया और अस्पताल में भर्ती करवाया। ससुराल पक्ष पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मायके वालों का आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर हर रोज उनकी बेटी के साथ की मारपीट की जाती है।”
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को भ्रामक पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो में नजर आ रहे दोनों व्यक्ति मुस्लिम हैं। उन्हें हिंदू बताकर कर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।








