इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में एक ट्रेन का एक्सीडेंट होते हुए नजर आ रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग प्लेटफॉर्म पर खड़े हैं और ट्रेन प्लेटफॉर्म को तोड़ते हुए आगे बढ़ती है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह दिल्ली मेट्रो के दुर्घटनाग्रस्त होने का वीडियो है।
अमर उजाल ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि वीडियो को एआई के माध्यम से बनाया गया है। इसके सच होने का दावा गलत है। जांच करने पर हमें दिल्ली में किसी मेट्रो के साथ इस तरह का घटना होने की कोई जानकारी नहीं मिली। एआई से बने वीडियो को शेयर करके झूठा दावा किया जा रहा है।
क्या है दावा
वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि दिल्ली मेट्रो का एक्सीडेंट हो गया है और इसमें 5000 लोगों की मौत हो गई है।
Me_khusi_2026 नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट से इस वीडियो को शेयर किया गया। इस वीडियो के ऊपर लिखा गया है “दिल्ली में मेट्रो ट्रेन एक्सीडेंट 5000 लोगों की मौत इस एक्सीडेंट में” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड से, दिल्ली मेट्रो में किसी एक्सीडेंट का पता लगाने के लिए मीडिया रिपोर्ट खोजने की कोशिश की। लेकिन हमें कोई भी ऐसी मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली जिससे दिल्ली मेट्रो में एक्सीडेंट होने की जानकारी मिले।
इसके बाद हमने वीडियो को ध्यान से देखा, वीडियो को ध्यान से देखने पर हमें इसमें कई विसंगतियां देखने को मिली। इससे हमें संदेह हुआ कि वीडियो को एआई के माध्यम से बनाया गया है। खासतौर पर मेट्रो का डिजाइन जो कि दिल्ली मेट्रो की तरह नहीं लग रहा है। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म पर दिख रहे लोगों के हाव भाव भी सामान्य इंसानों की तरह नहीं लग रहे हैं।
आगे हमने वायरल वीडियो में दिख रही ट्रेन का पता लगाने की कोशिश की। क्योंकि इस तरह का ट्रेन भारत में देखने को नहीं मिलती। इसके बाद हमने ट्रेन के स्क्रीन शॉट को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें पता चला कि यह ट्रेन न्यूयॉर्क में चलने वाली R188 Subway car है। सर्च करने पर हमें पोटैटो ट्रांजिट अथॉरिटी नाम की एक वेबसाइट पर वायरल ट्रेन से मिलती जुलती ट्रेन की फोटो मिली। इस ट्रेन में बारे में बताया गया था कि R188 पोटैटो सिटी सबवे के A डिवीजन के लिए निर्मित नई प्रौद्योगिकी सबवे कारों का एक वर्ग है। इससे साफ हो गया कि घटना दिल्ली की नहीं है।
इसके बाद हमने वीडियो के एआई से बने होने का पता लगाने के लिए कैन्टिलक्स टूल का इस्तेमाल किया। यह एक एआई डिटेक्शन टूल है। इस टूल से जांच करने से पता चला कि वीडियो को एआई के माध्यम से बनाया गया है। टूल ने वीडियो की कई पैमाने पर जांच की। टूल ने वीडियो का पैटर्न विश्लेषण, बनावट और आर्टिफैक्ट डिटेक्शन की जांच की। सभी जांच के बाद टूल ने बताया कि वीडियो के एआई से बने होने की उच्च संभवना है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि ऐसी कोई घटना दिल्ली मेट्रो में नहीं हुई है। न ही हमें इस तरह के किसी एक्सीडेंट का भारत में होने का पता चला है।








