Fact Check: पाकिस्तान के 2022 के वीडियो को नेपाल के हिंसक प्रदर्शन का बताकर किया जा रहा शेयर
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Fact Check: पाकिस्तान के 2022 के वीडियो को नेपाल के हिंसक प्रदर्शन का बताकर किया जा रहा शेयर

Spread the love


नेपाल में चल रहे हिंसक प्रदर्शन के बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कई लोग सड़क पर भाग रहे हैं। उसी में एक लड़का जलते हुए आंसू गैस के गोले को अपनी और आता देख कैच करता है और फेंकता है। लोग उसका उत्साह बढ़ा रहे हैं। वीडियो शेयर करने वालों का दावा है कि यह दृश्य नेपाल में चल रहे संकट का है।

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि इस वीडियो का नेपाल से कोई संबंध नहीं है। असल में यह वीडियो तीन साल पुराना और पाकिस्तान का है।   

क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि नेपाल में चल रहे संकट के बीच एक लड़के ने आंसू गैस के गोले को पकड़ा और क्रिकेट की गेंद की तरह फेंक दिया।  

अश्विनी सोनी (@Ramraajya) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वी़डियो को शेयर करे लिखा, “लड़के ने आंसू गैस के गोले को क्रिकेट बॉल की तरह कैच करके फेंक दिया। ये वीडियो नेपाल में वायरल है। #Nepalprotest” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 




इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 



पड़ताल 

इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो 25 मई, 2022 को पाकिस्तानी फेसबुक अकाउंट पर शेयर किया गया मिला । फेसबुक अकाउंट में कहा गया है कि लाहौर में लोगों ने आंसू गैस के गोले को भी खेल बना लिया है। यहां से यह साफ हो गया कि वीडियो का 8 सितंबर 2025 को भ़ड़की नेपाल हिंसा से संबंध नहीं है। इससे इस वीडियो के नेपाल से होने का दावा गलत साबित होता है। 



 

आगे हमने इस वीडियो को इंटरनेट पर कीवर्ड के माध्यम से सर्च किया। यहां हमें प्रोपाकिस्तानी मीडिया वेबसाइट पर इस वीडियो से संबंधित मीडिया रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि “पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) के एक युवा कार्यकर्ता द्वारा जलते हुए आंसू गैस के कनस्तर को पकड़कर उसे खतरे से दूर फेंकने का अविश्वसनीय वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स इस युवक की बहादुरी से प्रभावित हुए और उसके इस साहसिक कार्य की सराहना की।”

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो 2022 का है इसे नेपाल का बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है। 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *