सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में दिख रहा है कि एक स्कूल से कई लोग बंदूक के दम पर एक आदमी को जबरदस्ती पकड़ कर ले जा रहे है। इस वीडियो को शेयर करके बिहार के बेगूसराय का बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि बेगूसराय के एक सरकारी स्कूल टीचर को बंदूक की नोक पर पकड़ कर शादी कराने के लिए ले जाया जा रहा। वीडियो को शेयर कर बिहार सरकार पर निशाना साधा जा रहा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। वीडियो की जांच करने पर पाया गया कि वीडियो फिल्म की शूटिंग का है। वीडियो को इसी साल मार्च में बेगूसराय में तेघड़ा अनुमंडल के दुलारपुर मठ मध्य विद्यालय में शूट किया गया था। विद्यालय प्रधानाध्यापक ने को इस संबंध में जानकारी दिए बिना शूटिंग करने पर विवाद हुआ था। यह वीडियो किसी भी असली व्यक्ति को पकड़ने से संबंधित नहीं है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बेगूसराय के एक सरकारी स्कूल टीचर को बंदूक की नोक पर पकड़वा कर शादी करवाने के लिए ले जाया जा रहा है।
अदिति यादव (@aditiyadav_00) नाम की एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “बेगूसराय के एक सरकारी स्कूल टीचर को बंदूक की नोक पर पकड़वा कर शादी करवाने के लिए ले जाया जा रहा, बिहार में बहार बा।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें rajanrddfilms नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह वीडियो देखने को मिला। इस वीडियो को 12 मार्च 2025 को शेयर किया गया था। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था “पकरौआ बियाह फिल्म सूटिंग”
आगे जांच करने पर हमें जी बिहार झारखंड के एक्स आकाउंट पर इससे जुड़ी हुई रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो मौजूद था। रिपोर्ट को 22 मार्च 2025 को शेयर किया गया था पता चला कि बेगूसराय में फिल्म पकड़ौआ विवाह की शूटिंग का वीडियो वायरल। रिपोर्ट में बताया गया कि दुलारपुर मठ मध्य विद्यालय में पकड़ौआ विवाह फिल्म की शूटिंग के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रिंसिपल ने बताया था कि उन्हें इस शूटिंग के बारे में जानकारी नहीं थी। बताया गया कि यह शूटिंग रविवार के दिन स्कूल में की गई थी। लेकिन स्कूल में बच्चों की मौजूदगी के बाद इस शूटिंग पर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए।
जांच में आगे बढ़ने पर हमने कीवर्ड सर्च के जरिए और रिपोर्ट को खोजने की कोशिश की। यहां हमें इससे जुड़ी एक और रिपोर्ट टीवी9 भारतवर्ष पर देखने को मिली। इस रिपोर्ट से पता चला कि बच्चों के बीच हथियारों के साथ शूटिंग की जा रही थी। इसके बाद प्रिंसिपल का बयान आया कि शूटिंग रविवार के दिन हो रही थी। लेकिन उसके बाद यह सवाल खड़ा हुआ कि शूटिंग अगर रविवार को हुई तो बच्चे स्कूल में क्यों मौजूद थे। वीडियो संज्ञान में आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी राजदेव राम ने जांच के आदेश दिए थे तथा जांच के बाद कार्रवाई की बात की गई थी।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो किसी असली पकड़ौआ विवाह के मामले से नहीं जुड़ा है, बल्कि एक स्कूल में फिल्म की शूटिंग के दौरान का है।








