नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने शानिवार को घोषणा की कि भारत अब दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। वायरल तस्वीर में दिख रहा है कि एक आदमी गंदे सीवर टैंक के अंदर घुसकर सफाई कर रहा है। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, लेकिन अभी भी भारत की यही स्थिति है, जहां सीवर सफाई के लिए किसी इंसान को उसके अंदर जाना पड़ता है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल हो रही तस्वीर को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल हो रही तस्वीर पड़ोसी देश बांग्लादेश की है। इस तस्वीर से भारत का कोई सबंध नहीं है। भारत में 1993 से ही मैनुअल स्कैवेंजिंग यानी हाथ से सीवर व सेप्टिक टैंकों की सफाई करने पर रोक लगी हुई है।
क्या है दावा
हाथ से सीवर की सफाई कर रहे एक युवक की तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत देश की चौथी अर्थव्यवस्था बन गया है लेकिन फिर भी यहां मैनुअल स्कैवेंजिंग हो रही है।
नेहा सिंह राठौर (@nehafolksinger) ने एक्स पर इस तस्वीर को शेयर कर सरकार पर तंज कसा है “दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत जापान को छोड़ा पीछे, हमसे आगे बस 3 देश”। पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह का एक और दावे का लिंक आप यहां देख सकते हैं। इसका आर्काइव लिंक आप यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें डेली मेल की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट 3 मई 2017 को प्रकाशित की गई थी। रिपोर्ट में हमें वायरल तस्वीर देखने को मिली। इसके साथ ही रिपोर्ट में बताया गया था कि ये फोटो ढाका सिटी कॉरपोरेशन में काम करने वाले एक सफाई कर्मचारी की है। रिपोर्ट में इस कर्मचारी की कई और तस्वीरें भी मौजूद हैं।

इसके बाद हमें आगे की पड़ताल में द गार्डियन की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट 2018 में प्रकाशित की गई थी। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि ढाका में सीवर क्यों फूट रहे हैं। इसके साथ ही इस रिपोर्ट में भी वायरल तस्वीर देखने को मिली। रिपोर्ट में तस्वीर के साथ लिखा था कि ढाका में सीवर साफ करने वाला एक कर्मचारी। यह भी बताया गया था कि यह तस्वीर जाकिर चौधरी ने ली है।
इसके बाद हमने भारत में मैनुअल स्कैवेंजिंग यानी हाथ से सीवर व सेप्टिक टैंकों की सफाई करने के बारे में सर्च किया। यहां से हमें भारत सरकार की नोडल वेबसाइट पीआईबी पर मैनुअल स्कैवेंजिंग को लेकर एक एक्ट मिला। हमें पता चला कि नियम को कड़ाई से पालन करने के लिए मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्ट 2013 लाया गया, जिसके नियमों के अनुसार कोई भी एजेंसी या व्यक्ति इस तरह के काम नहीं कर सकता है।

इससे साफ होता है कि वायरल तस्वीर भारत की नहीं है। भारत में मैनुअल स्कैवेंजिंग पर पांबदी है। साथ ही हमें मीडिया रिपोर्ट में भी तस्वीर बांग्लादेश से होने की जानकारी मिली है।
पड़ताल का नतीजा
पड़ताल से साफ है कि वायरल तस्वीर के साथ भ्रामक दावा किया जा रहा है। यह तस्वीर बांग्लादेश की है। इससे भारत का कोई सबंध नहीं है।