Fact Check: बिहार में बिजली के खंभे से बांधकर लड़के की पिटाई करने का वीडियो यूपी का बताकर किया जा रहा शेयर
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Fact Check: बिहार में बिजली के खंभे से बांधकर लड़के की पिटाई करने का वीडियो यूपी का बताकर किया जा रहा शेयर

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक आदमी एक  लड़के को लाठियों से पीटते नजर आ रहा है। इसके साथ ही वह लड़के को बिजली के खंभे से बांधकर भी पिटाई करता है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश का है। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो बिहार के किशनगंज का है। दरअसल, 18 वर्षीय युवक पर एक दुकानदार ने चोरी के आरोप में पिटा।

क्या है दावा

सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति का दूसरे लड़के को पीटने का वीडियो उत्तर प्रदेश का बताकर शेयर किया जा रहा है।


एमडी मुकीम नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा, “ऐसी बर्बरता और दरिंदगी देखी नहीं जाती। ये व्यक्ति जिस बच्चे को पीट रहा है, अगर वो आरोपी भी है तो भी आप उसे कानून के हवाले कीजिए। वीडियो देखने से ऐसा लग रहा है जैसे कोई पैसे के लेनदेन या पैसे चोरी का कोई मामला हो, फिर भी आप इस तरह से दरिंदगी करने के अधिकारी नहीं है। रोते गिड़गिड़ाते हुए बच्चा “भैया मुझे माफ कर दो, मां कसम, हमने नहीं लिए हैं। ऐसा लग रहा है जैसे ये उत्तर प्रदेश का वीडियो हो। उप पुलिस से अनुरोध है कि प्लीज वीडियो की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कराएं।“ पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 


इसी तरह का एक अन्य दावे का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसका आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान पब्लिक नाम के वेबसाइट पर वायरल वीडियो मिला। यह वीडियो 23 अगस्त 2025 को साझा किया गया है। इसके साथ ही बताया गया है “बहादुरगंज थाना क्षेत्र में एक 18 वर्षीय युवक को दुकानदार के द्वारा चोरी का आरोप लगाकर तालिबानी सजा दिए जाने और उसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने कारवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक सागर कुमार ने बताया कि मोज्जम और इजहार समेत दस अन्य लोगों पर बहादुरगंज थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है और जल्द ही कारवाई की जाएगी”। 


इसके बाद हमें यूपी पुलिस फैक्ट चेक के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट मिली।  यह पोस्ट 27 अगस्त 2025 को साझा की गई है। पोस्ट में वायरल वीडियो को भ्रामक बताया गया है।

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को भ्रामक पाया है। वायरल वीडियो का उत्तर प्रदेश का नहीं है।



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