ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों का सिलसिला जारी है। इसी बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि गोलीबारी में भारत की महिला सैन्य अधिकारी किरण शेखावत शहीद हो गई हैं। साथ ही, ये भी कहा जा रहा है कि 27 साल की किरण देश की पहली महिला सैनिक बन गई हैं जो ड्यूटी पर रहते हुए वीरगति को प्राप्त हुईं।
अमर उजाला की पड़ताल में पता चला कि किरण शेखावत की मृत्यु 2015 में ही हो गई थी।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे वीडियो में एक महिला सैन्य अधिकारी जख्मी हालत में बेहोश पड़ी हैं और उनकी साथी उन्हें होश में लाने की कोशिश कर रही हैं। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि भारत-पाक के संघर्ष के दौरान देश की पहली ऑन ड्यूटी महिला अधिकारी किरण शेखावत की 27 वर्ष की उम्र में मौत हो गई है।
(@Sandeep870701) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “देश की पहली ऑन ड्युटी महिला अफसर किरण 27 साल की उम्र में वीरगति को प्राप्त हुई, हम सब उनकी शहादत को प्रणाम करते हैं । भावपूर्ण श्रद्धांजलि। जय हिंद । यह पोस्ट 11 मई को किया गया है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
ऐसे ही कई और दावों को लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
दावे की पड़ताल करने के लिए हमने किरन शेखावत के की-वर्ड को गूगल पर सर्च किया। यहां हमें एनडीटीवी की एक रिपोर्ट मिली। एनडीटीवी ने इस रिपोर्ट को 29 मार्च 2015 को प्रकाशित किया था। इस रिपोर्ट से हमें पता चला कि लेफ्टिनेंट किरण शेखावत भारतीय नौसेना की पहली महिला अधिकारी थीं, जो ड्यूटी के दौरान 24 मार्च 2015 को शहीद हुई हैं। लेफ्टिनेंट किरण शेखावत और लेफ्टिनेंट अभिनव नागोरी डोर्नियर विमान में सवार थे, जो 24 मार्च की रात गोवा तट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दुर्घटना में दोनों की जान चली गई और विमान के पायलट कमांडर निखिल कुलदीप जोशी को मछुआरों ने बचा लिया।
आगे हमें यह खबर इंडियन एक्सप्रेस में भी 30 मार्च 2015 को प्रकाशित की गई थी। इस खबर के शीर्षक में लिखा गया था “डोर्नियर दुर्घटना: दोनों नौसेना अधिकारियों का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया” लेफ्टिनेंट किरण शेखावत और लेफ्टिनेंट अभिनव नागोरी – जो मंगलवार को गोवा से 25 समुद्री मील दूर नौसेना के डोर्नियर विमान दुर्घटना में मारे गए थे।
इस खबर के बारे में और अधिक जानने के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां से हमें पता चला कि किरण शेखावत 2015 में शहीद हो गई थी। बताया गया था कि किरण कुर्थला गांव की बहू थी। उनके अंतिम संस्कार में आसपास के गांवों के हजारों लोगों के अलावा प्रदेश के प्रमुख राजनेता भी शामिल हुए। हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल का शोक संदेश लेकर लोक निर्माण मंत्री राव नरवीर सिंह व सहकारिता राज्य मंत्री विक्त्रस्म सिंह यादव भी पहुंचे।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि किरण शेखावत की मृत्यु हाल-फिलहाल में नहीं बल्कि 2015 में हुई थी। किरण शेखावत के पाकिस्तान के साथ संघर्ष के दौरान शहीद होने का दावा भ्रामक है।








