Fact Check: भ्रामक है बिहार में बौद्ध प्रदर्शन से जोड़कर शेयर किया जा रहा वीडियो, जानें 2024 के वीडियो का सच
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Fact Check: भ्रामक है बिहार में बौद्ध प्रदर्शन से जोड़कर शेयर किया जा रहा वीडियो, जानें 2024 के वीडियो का सच

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप को शेयर कर यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह बिहार के बोधगया में बौद्ध अनुयायियों का जनसैलाब है। वायरल वीडियो में भारी पुलिस बल लोगों की भीड़ को आगे बढ़ने से रोकते हुए नजर आ रही है।

पीटीआई फैक्ट चेक की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। हमारी पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो हाल का नहीं, बल्कि 21 दिसंबर 2024 का है, उस समय यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बेरोजगारी, एमएसपी समेत कई मुद्दों को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। वायरल वीडियो उसी घटना का है, जिसे यूजर्स गलत दावे के साथ अब शेयर कर रहे हैं।

दावा:

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक यूजर ने 26 मार्च 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए  लिखा, “हम लंबे समय से सिस्टम के दरवाजे खटखटा रहे हैं महाबोधि महाबिहार मुक्ति आंदोलन के लिए न्याय मांग रहे हैं और कुछ नहीं मिल रहा है अब उन दरवाजा को तोड़ने का समय आ गया है बिहार सरकार केंद्र सरकार शर्म करो” पोस्ट का लिंक आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

वहीं, एक अन्य यूजर ने 27 मार्च 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, हम लंबे समय से सिस्टम के दरवाजे खटखटा रहे हैं महाबोधि महाबिहार मुक्ति आंदोलन के लिए न्याय मांग रहे हैं और कुछ नहीं मिल रहा है अब उन दरवाजा को तोड़ने का समय आ गया है बिहार सरकार केंद्र सरकार शर्म करो। पोस्ट का लिंक आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

पड़ताल:

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क ने वीडियो के ‘की-फ्रेम्स’ को रिवर्स इमेज सर्च किया। जांच के दौरान हमें ‘Krishna Allavaru’ नाम के फेसबुक यूजर का एक पोस्ट मिला। यहां पर यही वीडियो मौजूद था। यूजर ने 21 दिसंबर 2024 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “CM House Gherao, जयपुर में IYC अध्यक्ष श्री Uday Bhanu Chib जी के नेतृत्व में राजस्थान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संसद में बाबा साहेब अंबेडकर के अपमान और राज्य में बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ पुरजोर विरोध प्रदर्शन किया!” पोस्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

पड़ताल की अगली कड़ी में ‘Indian Youth Congress’ के वेरिफाइड हैंडल से समान दावे के साथ वायरल वीडियो मिला। पोस्ट का लिंक, और स्क्रीनशॉट यहां देखें। पोस्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

दावे का सच जानने के बाद हमने संबंधित कीवर्ड से सर्च किया, इस दौरान हमें नवभारत टाइम्स की हिंदी वेबसाइट पर 21 दिसंबर 2024 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली।

रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रदेश युवा (यूथ) कांग्रेस ने बेरोजगारी और नशे के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे युवा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे भगदड़ मच गई। इसके बावजूद जब कार्यकर्ता नहीं रुके, तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर उन्हें खदेड़ दिया। झड़प में कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं, जबकि पुलिस ने कई को हिरासत में ले लिया। रिपोर्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिहार के विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल बोधगया में लंबे समय से बौद्ध भिक्षु धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि बोधगया टेंपल एक्ट, 1949 (बीटी एक्ट) को खत्म किया जाए। यूजर्स इसी प्रदर्शन से वायरल वीडियो को जोड़कर इसे गलत दावे के साथ शेयर कर रहे हैं। रिपोर्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

हमारी पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो हाल का नहीं, बल्कि 21 दिसंबर 2024 का है, उस समय यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बेरोजगारी, एमएसपी समेत कई मुद्दों को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। वायरल वीडियो उसी घटना का है, जिसे यूजर्स गलत दावे के साथ शेयर कर रहे हैं।

(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

 



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