पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इसमें पाकिस्तान और पीओके स्थित नौ आतंकी ठिकाने नष्ट किए गए। इसके बाद पाकिस्तान के हमलों का भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया। इस पूरे संघर्ष में मुंह की खाने वाला पाकिस्तान हर रोज नए नए झूठ बोल रहा है। कभी खुद की जीत का झूठा दावा करता है तो कभी मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए प्रोपेगेंंडा फैलाता है। अब इस प्रोपेगेंडा में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर भी शामिल हो गए हैं। दरअसल मुनीर ने पकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को एक तस्वीर भेंट की है। इस तस्वीर में मिसाइल लॉन्च होते हुए नजर आ रही हैं। मुनीर ने इस फोटो को भारत के खिलाफ ‘ऑपरेशन बुनयान अल-मरसूस’ की कथित सफलता के प्रतीक के रूप में भेंट किया है। पाकिस्तान सोशल मीडिया यूजर इस तस्वीर को शेयर करके पाकिस्तान की जीत का दावा कर रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस तस्वीर को गलत पाया है। जांच में पता चला कि तस्वीर 2019 की चीनी सैन्य अभ्यास के दौरान की है। इसका इस्तेमाल कर मुनीर पाकिस्तान की जीत का फर्जी दावा कर रहे हैं।
क्या है दावा
यह फोटो पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर द्वारा आयोजित एक हाई-प्रोफाइल डिनर में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को दी गई। इस फोटो से पाकिस्तान अपनी जीत का दावा कर रहा है।
पाकिस्तान इन वर्ल्ड नाम की एक पाकिस्तान वेबसाइट ने इस पर रिपोर्ट छापी जिसमें लिखा गया था “पाकिस्तान के नागरिक सैन्य नेतृत्व ने भारतीय आक्रमण के खिलाफ जीत का जश्न मनाया” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक

ꜰʀᴀɴᴋ (@frank_houn) नाम के एक एक्स यूजर ने इस फोटो को शेयर करके लिखा “चीता फील्ड मार्शल” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक

पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने फ्रेम में दिख रही फोटो को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें चीनी मिलिट्री नाम की एक वेबसाइट मिली। यहां यह फोटो मौजूद थी। इस फोटो को सितंबर 2019 में शेयर किया गया था। इसके साथ ही बताया गया था “18 अगस्त, 2019 की सुबह चार बजे उत्तर-पश्चिम चीन के एक अज्ञात रेगिस्तानी क्षेत्र में रात्रिकालीन अभ्यास के दौरान नकली लक्ष्य पर रॉकेट दागती मल्टीपल लॉन्च रॉकेट प्रणाली।” इस वेबसाइट के नाम का वाटर मार्क फोटो पर भी मौजूद है।

आगे सर्च करने पर सीना नाम की एक वेबसाइट मिली। यह चीन से संबंधित एक कंपनी है। यहां इस फोटो को सितंबर 2019 को पोस्ट करके लिखा गया था “18 अगस्त को लगभग 4 बजे, 74वीं ग्रुप आर्मी की एक ब्रिगेड के लड़ाकू तोपखाने समूह का रात में हमले का अभ्यास, उत्तर-पश्चिमी रेगिस्तान में शुरू किया गया, जिसमें नई संगठनात्मक प्रणाली के तहत ब्रिगेड की पूर्णकालिक लड़ाकू क्षमता का परीक्षण और सुधार किया गया।”

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि फोटो 2019 से इंटरनेट पर मौजूद है। साथ ही तस्वीर चीन के सैन्य अभ्यास की है। इसका पाकिस्तान का होने का झूठा दावा किया जा रहा है।