सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें और एक अखबार की कटिंग को शेयर किया जा रहा है। एक तस्वीर में सामान्य महिला दिख रही है। लेकिन दूसरी तस्वीर में महिला के चेहरे पर चोट के निशान नजर आ रहे हैं। इसी के साथ एक अखबार की कटिंग भी है जिसकी हेडलाइन है “शादीशुदा इरफान ने मनु बन लड़की से दोस्ती की, आपत्तिजनक फोटो खींच महीनों ब्लैकमेल किया, पीछा छोड़ने की मांग- 5 लाख रु. व सहेलियों से दोस्ती, केस दर्ज” इस तस्वीर को शेयर करे दावा किया जा रहा है कि हिंदू लड़की ने मुस्लिम लड़के से दोस्ती और पीछा छुड़ाने के लिए लड़की का चेहरा खराब कर दिया।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। जांच में सामने आया कि महिला की पहचान रेशम खान के रूप में हुई है, जो पूर्वी लंदन के बेकटन में जमील मुख्तार के साथ अपना 21वां जन्मदिन मना रही थी, जब उन पर एक भयानक हमला हुआ। हमले का अपराधी जॉन टॉमलिन निकला।
क्या है दावा
इस पोस्ट को शेयर करके सांप्रदायिक दावा किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि हिंदू लड़की ने मुस्लिम लड़के के साथ दोस्ती की थी। इसके बाद लड़के ने लड़की के साथ मारपीट की।
कोमल यादव (@Ydavkomal) नाम की एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “मैं पढ़ी लिखी लड़की हूं और मेरा अब्दुल तो बिलकुल ऐसा नहीं है। उसके बाद अब्दुल ने जो मेकअप किया वो आप लोग देख लो।” पोस्ट का लिंक आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने तस्वीर के गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें टाइम्स ऑफ इंडिया की 2017 की एक मीडिया रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में वायरल हो रही तस्वीर मौजूद थी। यहां से हमें पता चला कि 21 वर्षीय मॉडल रेशम खान और उसके चचेरे भाई जमील मुख्तार पर एक श्वेत व्यक्ति ने हमला किया था।
आगे हमने कीवर्ड के माध्यम से इस मामले को सर्च किया। यहां हमें 30 जून 2017 को द गार्डियन में मामले से छपी एक रिपोर्ट दिखाई दी। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि “पूर्वी लंदन में दो मुस्लिम चचेरे भाई-बहन पर बिना उकसावे के हुए तेजाब हमले को अब पुलिस घृणा अपराध मान रही है। जमील मुख्तार और रेशम खान पर 21 जून की सुबह बेकटन में ट्रैफिक लाइट पर कार में बैठे हुए हमला किया गया, जब वे रेशम खान का 21वां जन्मदिन मना रहे थे। दोनों के चेहरे और शरीर बुरी तरह जल गए। मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने संदिग्ध हमलावर का नाम 24 वर्षीय जॉन टॉमलिन बताया पुलिस ने इस हमले की घृणा अपराध के रूप में जांच की।
आगे हमें बीबीसी की 20 अप्रैल 2018 की मीडिया रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि एक महिला और उसके चचेरे भाई पर उनकी कार में तेजाब फेंक कर गंभीर रूप से घायल करने वाले व्यक्ति को 16 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। कैनिंग टाउन के कोलमैन रोड निवासी 25 वर्षीय जॉन टॉमलिन ने स्वीकार किया कि उसने जानबूझकर गंभीर शारीरिक क्षति पहुंचाई।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि तस्वीर को सांप्रदायिक दावे के साथ भारत का बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।








