अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 25 फीसदी टैरिफ के एलान के बाद से सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल हैं। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर दावा किया जा है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि हमारी अर्थव्यवस्था व्हाइट हाउस से नहीं चलने वाली है। हम रूस से तेल खरीदते रहेगे।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से भी, जब रूस से तेल खरीदने से संबंधित सवाल पूछा गया था। उन्होंने कहा कि इसके बारे में उन्होंने कोई जानकारी नहीं है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर दावा किया जा रहा है कि एस जयशंकर का कहना है कि हमारी अर्थव्यवस्था व्हाइट हाउस से नहीं चलने वाली है।
डॉ. खुर्रम अब्बास (@itskhurramabbas) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा- “हमारी अर्थव्यवस्था व्हाइट हाउस से नहीं चलेगी… रूसी तेल भारत में आता रहेगा।” उपनिवेशवाद के दौर के बाद के भारत की ये एक प्रमुख विशेषताओं में से एक विदेशी प्रभावों का प्रतिरोध करना है। कांग्रेस और भाजपा दोनों की इस मामले में समान रणनीति है।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
हमने दावे की पड़ताल करने के लिए कीवर्ड की मदद ली। इस दौरान हमें कोई भी विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली।
इसके बाद हमें विदेश मंत्रालय के फैक्ट चेक के एक्स हैंडल अकाउंट पर एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 3 अगस्त 2025 को साझा की गई है। पोस्ट में वायरल दावे को गलत बताया गया है।
इसके बाद हमें प्रेस सूचना ब्यूरो की एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 3 अगस्त 2025 को साझा की गई है। पोस्ट में वायरल दावे को गलत बताया गया है। पोस्ट में लिखा गया है कि विदेश मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
आगे की पड़ताल में हमें यूट्यूब पर विदेश मंत्रालय, भारत का एक वीडियो मिला। यह वीडियो 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित किया गया है। वीडियो में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग कर रहे हैं। इस दौरान एक पत्रकार ने उनसे पूछा कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि भारत की तेल कंपनियों ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है, इसके जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बाजार में उपलब्ध विकल्प और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर फैसले लेता है। इसके आगे वह रूस से तेल खरीदने पर कहते हैं, “मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मेरे पास इससे संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं है।”
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। विदेश मंत्रालय की ओर से अमेरिका और रूस को लेकर इस तरह का कोई भी बयान नहीं दिया गया है।








