सोशल मीडिया पर संभल में मारपीट की घटना का वीडियो सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि संभल में एक समुदाय विशेष के लोगों ने पूर्णागिरि मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को बुरी तरह पीटा।
बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा सांप्रदायिक दावा गलत है। संभल के मोहल्ला बरेली सराय में 21 मार्च 2025 को फल विक्रेता और उत्तराखंड स्थित पूर्णागिरि मंदिर के श्रद्धालुओं के बीच विवाद हो गया था।
संभल कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बूम से बातचीत में सांप्रदायिक दावे का खंडन किया है।
वायरल वीडियो में दो पक्षों को आपस में मारपीट करते हुए देखा जा सकता है।
क्या है दावा
फेसबुक यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, ‘संभल में फिर नाग बिलों से निकले…मां पूर्णागिरि जा रही बस पर संभल में हमला, खाने-पीने को रुकी बस में बज रहा था भजन, तो भजन को बंद कराने पे अड़े जिहादियों ने देवी भक्तों को मार-मार के अधमरा किया..उम्मीद है संभल पुलिस तगड़ा जवाब देगी, अनुज चौधरी जी इनको जवाब देना बहुत जरूरी है।’

एक्स पर भी यह वीडियो इसी दावे क साथ वायरल है।
फैक्ट चेक
वायरल वीडियो की जांच के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। सर्च के दौरान हमें 22 मार्च 2025 को एक्स पर अपलोड किया गया वीडियो मिला। इसके कैप्शन में बताया गया कि संभल में संतरे के दाम को लेकर संघर्ष हो गया, इसमें फल-विक्रेताओं और पूर्णागिरि जा रहे श्रद्धालुओं के बीच मारपीट हो गई।
हिंट मिलने के बाद हमने घटना से संबंधित कीवर्ड से गूगल पर सर्च किया। हमें घटना से संबंधित कई न्यूज रिपोर्ट मिलीं।
अमृत विचार की रिपोर्ट में वायरल वीडियो के विजुअल को देखा जा सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, 21 मार्च की रात नौ बजे संभल के बहजोई रोड पर बरेली सराय इलाके में पूर्णागिरी जा रहे श्रद्धालुओं और फल-विक्रेता के बीच विवाद हो गया था। राजू नामक श्रद्धालु ने फल विक्रेता नीरज से 100 रुपये के संतरे खरीदे थे, पैसों को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ा कि फल विक्रेताओं और श्रद्धालुओं के बीच मारपीट हो गई।
अमर उजाला की 22 मार्च की रिपोर्ट के अनुसार, नसाखा थाना क्षेत्र के गांव मादली समसपुर के निवासी राजू, सुरजीत, संजीव पूर्णागिरि की यात्रा पर निकले थे। संभल में फल खरीदने के दौरान राजू का फल विक्रेता नीरज से पैसों को लेकर विवाद हुआ और मारपीट हो गई. संभल सदर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में श्रद्धालु पक्ष के राजू, संजीव, सुरजीत और फल विक्रेता पक्ष के नीरज, निरंजन और नरेश को हिरासत में लेते हुए शांतिभंग में कार्रवाई की है।
संभल पुलिस ने किया सांप्रदायिक दावे का खंडन
कोतवाली संभल के प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार तोमर ने बूम से बातचीत में सांप्रदायिक दावे का खंडन किया है। उन्होंने बूम को बताया, “21 मार्च की रात में हुई मारपीट की घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है. फल विक्रेता भी हिंदू समुदाय से ही हैं और पूर्णागिरि जाने वाले श्रद्धालु भी हिंदू समुदाय से हैं. फलों के दाम को लेकर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई थी। इस मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शांतिभंग का मामला दर्ज किया गया है।”
(This story was originally published by BOOM as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)








